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1.5 टन का Nuclear Bomb कैरी करेगी भारत की अग्नि-3 मिसाइल, अटैक पावर 3500 KM

By Lava PandeyEdited By: Piyush Pandey
Published: Fri, 06 Feb 2026 08:03 PM (IST)Updated: Fri, 06 Feb 2026 08:11 PM (IST)

भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने अब्दुल कलाम द्वीप से अग्नि-3 मिसाइल (Agni-3 Missile) का सफल परीक्षण किया। ...और पढ़ें

अग्नि-3 मिसाइल का सफल परीक्षण। (जागरण)

अग्नि-3 मिसाइल का सफल परीक्षण। (जागरण)

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संक्षेप में पढ़ें

लावा पांडे, बालेश्वर। भारतीय (डीआरडीओ) यानी की रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने आज शुक्रवार 6 फरवरी 2026 शाम को अब्दुल कलाम द्वीप से अग्नि 3 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है।

यह मिसाइल 3500 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मनों को निशाना बनाने में पूरी तरह सक्षम है। अग्नि 3 मिसाइल पहले ही सेना में शामिल की जा चुकी है। इसकी लंबाई 17 मीटर, व्यास 2 मीटर और इसका वजन करीब 50 टन है। यह अपने साथ 1.5 टन परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।

सन् 2019 में पहली बार रात के समय इसका सफल परीक्षण किया गया था। आज फिर से इसका सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। अग्नि तीन लंबी दूरी तक वार करने वाली इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है।

पहले ही सेना में शामिल की जा चुकी है अग्नि-3 मिसाइल

3500 से ज्यादा किलोमीटर तक प्रहार करने वाली तथा परमाणु क्षमता से लैस इस मिसाइल को ओडिशा के तट पर स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से आज परीक्षण किया गया। यहां बताना उचित होगा की अग्नि तीन मिसाइल पहले ही सेना में शामिल की जा चुकी है।

अग्नि 3 मिसाइल के सामने पाकिस्तान ही नहीं बल्कि चीन भी खौफ खाता है। यह इन सीरियल नेविगेशन और जीपीएस से संचालित होती है। यह परमाणु और अन्य हथियार ले जाने में पूरी तरह सक्षम है।

रेंज में आते हैं चीन के भी कुछ शहर

अग्नि तीन मिसाइल मोबाइल लांचर से फायर की जा सकती है। इस मिसाइल की रेंज में पाकिस्तान तो आता ही है, इसके साथ ही चीन के भी कुछ शहर आते हैं। आज इसके सफल परीक्षण को देखते हुए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन समेत इस परीक्षण से जुड़े समस्त टीमों को बधाई का पात्र बताया है।

वहीं, डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने आज के सफल परीक्षण को देखते हुए पूरे डीआरडीओ समेत इस परीक्षण से जुड़े सभी टीमों को बधाई दी है। यहां उल्लेखनीय है कि नए साल की शुरुआत से ही भारत कई बैलिस्टिक सीरीज से लेकर क्रूज सीरीज के विभिन्न मिसाइलों का परीक्षण शुरू कर दिया है।

हमारे सूत्र बताते हैं कि आने वाले चंद दिनों में भारत और कई नए और पुराने जिनमें कई अत्याधुनिक मिसाइल शामिल रहेगी, उनका परीक्षण करने वाला है। आज विश्व के कई देश भारत से मिसाइल टेक्नोलॉजी खरीदने के लिए व्याकुल है तो कई देश भारत से मिसाइल खरीदने के लिए अपनी इच्छा जता चुके हैं।

भारत पहले सुबह, फिर दोपहर, फिर शाम अब रात को अपने सभी मिसाइलो का चाहे वे बैलिस्टिक सीरीज की मिसाइलें हो या फिर क्रूज सीरीज की मिसाइले हो उनका ताबड़तोड़ परीक्षण करने की तैयारी में जुट चुका है।

यहां बताना उचित होगा कि करोना जैसे महामारी के समय में भी 'नहीं रुकी थी मिसाइलो की सांसे'। उस समय भी भारत दो दर्जन से ज्यादा भारी भरकम और अत्याधुनिक मिसाइलों का सफल परीक्षण करके अपनी ताकत का इजहार कर चुका है।

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