भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। Independence Day 2022: पूरा देश आज स्वतंत्रता का अमृत पर्व (Amrit Mahotsav) मना रहा है। झोपड़ी से लेकर महल तक लोगों ने तिरंगा फहराया है। इस अवसर पर भुवनेश्वर प्रदर्शनी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (CM Naveen Patnaik) ने राष्ट्रध्वज फहराने के साथ ही पूरे प्रदेश के लोगों को स्वतंत्रता दिवस (Independence Day ) की बधाई दी।

सीएम ने कहा कि अगर हम सभी देश के लिए हर दिन थोड़ा सा समय दें तो हम बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 साल बाद हम आजादी की शताब्दी मनाएंगे। इसलिए हमें अभी से तैयारी करनी होगी। मुझे पूरा विश्वास है कि इस अवधि के दौरान ओडिशा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

हम सभी के लिए गर्व और गौरव की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भारतीय होने के नाते यह हम सभी के लिए गर्व और गौरव की बात है। इस पावन अवसर पर आप सभी को मेरी ओर से बधाई। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, मौलाना आजाद, डॉ. बी.आर. अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास,

उत्कल गौरव मधुसूदन दास, नवकृष्ण चौधरी, गोपबंधु चौधरी, शहीद लक्ष्मण नायक, वीर सुरेंद्र साए, मां रामादेवी, मालती चौधरी, डॉ. हरेकृष्ण महताब, बीजू पटनायक, पार्वतीगिरी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के नेतृत्व में हमने स्वतंत्रता प्राप्त की है।

अमर जवानों को भी श्रद्धांजलि

इस अवसर पर मैं उन्हें अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इस अवसर पर मैं देश की शांति और सुरक्षा के लिए शहीद हुए अमर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं उन कोविड योद्धाओं को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जो कोविड महामारी के दौरान मानवीयता की सेवा में शहीद हुए। हमारी आजादी करोड़ों भारतीयों की जीत थी। यह सत्य और अहिंसा की विजय थी।इस जीत ने पूरी दुनिया को रास्ता दिखाया है।

पिछले 75 सालों में देश ने कई उपलब्धियां हासिल की

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 75 सालों में देश ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, उद्योग, अनुसंधान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी देशों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है। हमारा ओडिशा भी देश के विकास के साथ कदम मिलाकर चल रहा है। ओडिशा ने 75 साल में कई मुकाम हासिल कर देश को राह दिखाई है।

ओडिशा में आज बदलाव के एक नए युग की शुरुआत हुई है। ओडिशा की सफलता अन्य राज्यों के लिए मार्ग प्रशस्त कर रही है। खाद्य उत्पादक राज्य बनना, आपदा प्रबंधन में दुनिया के लिए एक मिसाल कायम करना, स्पोर्ट्स हब के रूप में पहचान बनाना और 70 लाख माताओं को सशक्त बनाना आदि ओडिशा की जीत के प्रतीक हैं।

बच्चों में नई उम्मीद

शिक्षा हम विशेष ध्यान दे रहे हैं। हमारे स्कूल परिवर्तन कार्यक्रम के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो चुके हैं। इससे बच्चों में नई उम्मीद जगी है। गांव के होनहार बच्चों के लिए शुरू किया गया ओडिशा मॉडल स्कूल

आज काफी लोकप्रिय हो गया है। कोटिया से भुवनेश्वर तक आज 315 मॉडल स्कूलों में एक लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। आज इस अवसर पर आदर्श विद्यालयों में 5000 बालिकाओं के लिए 50 छात्रावास की व्यवस्था की गई है।

स्वतंत्रता के 75 वर्ष के अवसर पर हम राज्य के 30 जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के 3000 स्मारक स्थापित कर रहे हैं। हमने अपने युवाओं के लिए रोजगार पर विशेष जोर दिया है।

सरकारी क्षेत्र में विभिन्न रिक्त पदों को भरने के लिए नियमित भर्ती चल रही है। विभिन्न विभागों में 70 हजार से अधिक पदों को भरने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

पौष्टिक खाद्य पर अब हमारा फोकस

आदिवासी भाइयों और बहनों के विकास और सशक्तिकरण के क्षेत्र में ओडिशा ने बहुत अच्छा काम किया है। ओडिशा जनजाति के बच्चे आज देश-विदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा के बाद पौष्टिक खाद्य पर अब हमारा फोकस है। बाजरा मिशन को राज्य के 29 जिलों तक बढ़ा दिया गया है।

इसके लिए 2800 रुपये खर्च किए जाएंगे। ओडिशा जगन्नाथ की पवित्र भूमि है। उड़िया हमेशा क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद के रूप में कार्य करते हैं। भारतीय हॉकी टीम की पुरुष और महिला दोनों टीमों का ओडिशा का प्रायोजन हमारे राष्ट्रवाद का सबसे अच्छा उदाहरण है।

Edited By: Babita Kashyap

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