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हाथियों की सुरक्षा के लिए रफ्तार पर ब्रेक, हावड़ा-मुंबई रूट पर 9 घंटे तक धीमी गति से चलीं ट्रेनें  

Published: Mon, 05 Oct 2026 01:04 PM (IST)

हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर भालुलता और बिसरा खंड के बीच हाथियों की आवाजाही के कारण ट्रेनों की रफ्तार 9 घंटे 25 मिनट तक धीमी कर दी गई।

धीमी गति से चलीं ट्रेनें। फोटो जागरण

धीमी गति से चलीं ट्रेनें। फोटो जागरण

HighLights

  1. हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर हाथियों की आवाजाही।

  2. भालुलता-बिसरा खंड पर 9 घंटे 25 मिनट गति प्रतिबंध।

  3. वन्यजीव सुरक्षा हेतु ट्रेनों की रफ्तार 30 किमी/घंटा।

जागरण संवाददाता, राउरकेला। हावड़ा मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर रविवार की रात से लेकर सोमवार की सुबह तक भालुलता और बिसरा रेलवे खंड पर ट्रेनों की रफ्तार थमी रही।

पटरियों के आसपास एलीफेंट जोन में अचानक हाथियों की आवाजाही की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड में आ गया।

वन्यजीवों की जान को कोई खतरा न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने फौरन एक बड़ा कदम उठाते हुए इस पूरे रूट पर 9 घंटे 25 मिनट के लिए कड़ा गति प्रतिबंध लागू कर दिया।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वन विभाग बंडामुंडा की ओर से रेलवे को हाथियों के मूवमेंट का संदेश मिला था। किसी भी संभावित हादसे को टालने के लिए रेलवे ने भालुलता से बिसरा के बीच अप, डाउन और थर्ड लाइन सहित संपूर्ण खंड में गुजरने वाली सभी ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा को घटाकर महज 30 किलोमीटर प्रति घंटा तय कर दिया।

यह विशेष एहतियाती आदेश रविवार रात (4 अक्टूबर 2026) 21:35 बजे से लागू किया गया, जो सोमवार सुबह (5 अक्टूबर 2026) 07:00 बजे तक प्रभावी रहा।

हाथियों को सुरक्षित रास्ता देने और उनकी जान बचाने के लिए उठाए गए इस जरूरी कदम का असर रेल यातायात की समय-सारणी पर भी पड़ा। गति धीमी होने की वजह से सुरक्षा उपायों के चलते ट्रेनों के परिचालन में देरी की स्थिति उत्पन्न हुई।

हालांकि, रेलवे प्रशासन ने वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पहले ही एक संदेश जारी कर यात्रियों से इस परिस्थिति को समझने और सहयोग करने की विशेष अपील की थी, ताकि बेजुबानों की जिंदगी के साथ-साथ लोगों का सफर भी सुरक्षित रहे।

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