संवादसूत्र, भुवनेश्वर : राज्य में 2022 तक गरीबी हटाने और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ओडिशा कृषि विश्वविद्यालय (ओयूएटी) नए-नए शोध की दिशा में अग्रसर है। ओयूएटी के 57 वें स्थापना दिवस के मौके पर कम्युनिटी विज्ञान कॉलेज की निदेशक मानसी महांती ने बताया कि बीते वर्षो के मुकाबले वर्ष 2018 में उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओयूएटी में 5 नए किस्म के धान सहित चर्चिका किस्म के गन्ना बीज का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। ओडिशा कृषि प्रधान राज्य होने के कारण विज्ञान केंद्रों की मदद से हर जिले के किसानों को उनकी समस्या के समाधान का सूत्र बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव को दूर कर उपज बढ़ाने में सहायक बीजों के विकास पर ओयूएटी फोकस कर रही है। महांती ने कहा कि पारंपरिक धान की खेती के अलावा उद्यान कृषि और दाल-दलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को समय समय पर जानकारी दी जा रही है।

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