हाथियों ने 19 ट्रेनों की रफ्तार पर लगाया ब्रेक, ओडिशा में 2 स्टेशनों के बीच पर 12 घंटे तक धीमी गति से आवाजाही
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में हाथियों की आवाजाही के कारण हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर 12 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

सोनाखान रेलवे स्टेशन। फोटो जागरण
HighLights
हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर हाथियों की आवाजाही से यातायात बाधित।
सोनाखान-सोगरा स्टेशनों के बीच 12 घंटे तक ट्रेनें धीमी गति से चलीं।
वन्यजीवों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए 19 ट्रेनें प्रभावित हुईं।
जागरण संवाददाता, राउरकेला। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के अंतर्गत हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर पटरियों के पास हाथियों की आवाजाही के कारण रेल यातायात प्रभावित रहा।
वन्यजीवों और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने सोनाखान और सोगरा रेलवे स्टेशनों के बीच 12 घंटे तक विशेष सतर्कता बरती, जिसके कारण इस रूट पर कुल 19 ट्रेनें प्रभावित हुईं और उनकी रफ्तार धीमी पड़ गई।
वन विभाग से मिली चेतावनी के आधार पर रेलवे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोनाखान से सोगरा के बीच ट्रेनों के लिए 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा निर्धारित कर दी थी।
यह गति प्रतिबंध 5 अक्टूबर 2026 की शाम 18:00 बजे से लेकर 6 अक्टूबर 2026 की सुबह 06:00 बजे तक (कुल 12 घंटे) लागू रहा।
इस 'एलिफेंट कॉशन' के चलते ट्रेनों का सामान्य परिचालन बाधित हुआ और इस दौरान गुजरने वाली 19 ट्रेनों में औसतन 08 मिनट की देरी दर्ज की गई।
इन ट्रेनों की रफ्तार हुई कम
सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण जिन 19 ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा, उनमें 13351 (धनबाद - एलेप्पी एक्सप्रेस), 22837 (हटिया - एर्नाकुलम एक्सप्रेस), 18451 (हटिया - पुरी तपस्विनी एक्सप्रेस), 12860 (हावड़ा - मुंबई सीएसएमटी गीतांजलि एक्सप्रेस), 18117 (राउरकेला - गुणूपुर राज्यरानी एक्सप्रेस), 18030 (शालीमार - एलटीटी एक्सप्रेस), 16620 (एक्सप्रेस), 18126 (राउरकेला - पुरी एक्सप्रेस), 18006 (जगदलपुर - हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस), 22906 (शालीमार - ओखा सुपरफास्ट एक्सप्रेस), 18190 (एर्नाकुलम - टाटानगर एक्सप्रेस), 22846 (हटिया - पुणे एक्सप्रेस), 17322 (जसीडीह - वास्को द गामा एक्सप्रेस), 18130 (एक्सप्रेस), 18404 (बड़बिल - पुरी इंटरसिटी एक्सप्रेस), 18403 (पुरी - बड़बिल इंटरसिटी एक्सप्रेस), 12809 (मुंबई सीएसएमटी - हावड़ा मेल), 12811 (एलटीटी - हटिया एक्सप्रेस) और 13352 (एलेप्पी - धनबाद एक्सप्रेस) शामिल हैं।
रेलवे विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों का संरक्षण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी जिम्मेदारी को निभाते हुए पटरियों के पास हाथियों की मौजूदगी के कारण यह आवश्यक सुरक्षा कदम उठाया गया था।
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