भारत की नई ताकत 'प्रलय': हवा में रास्ता बदलने में माहिर, दुश्मन के लिए इसे रोकना है नामुमकिन!
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट से स्वदेशी 'प्रलय' मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया, जिससे भारत की पारंपरिक मिसाइल क्षमता को नई मजबूती मिली है।

भारत की नई ताकत 'प्रलय': हवा में रास्ता बदलने में माहिर, दुश्मन के लिए इसे रोकना है नामुमकिन!
HighLights
डीआरडीओ ने 'प्रलय' मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया।
यह क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल 150-500 किमी तक मार करती है।
दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना मुश्किल।
डिजिटल डेस्क, भुवनेश्वर। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने गुरुवार को ओडिशा के तट से अपनी स्वदेशी रूप से विकसित 'प्रलय' मिसाइल (Pralay Missile) का सफल उड़ान परीक्षण कर भारत के पारंपरिक मिसाइल बेड़े को एक नई मजबूती दी है।
सुबह 11:10 बजे किया गया यह प्रक्षेपण मिसाइल के 'यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल' का हिस्सा था, जो भारत की स्वदेशी मारक क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।
DRDO successfully conducted the flight test of the indigenously developed Pralay Missile off the coast of Odisha today at 1110 hrs. The test was conducted as part of user evaluation trials and successfully met all the stipulated objectives, as validated by data captured through various range instruments. This successful trial marks another significant milestone in strengthening India’s indigenous defence capabilities.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) November 5, 2026
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस सफल परीक्षण की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि मिसाइल ने अपने सभी निर्धारित मानकों और उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। परीक्षण क्षेत्र में तैनात विभिन्न उपकरणों और रडार द्वारा जुटाए गए डेटा से इसके सटीक प्रदर्शन की पुष्टि हुई है।
'प्रलय' मिसाइल की खासियतें:
'प्रलय' सतह से सतह पर मार करने वाली एक क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है, जो ठोस ईंधन (सॉलिड-प्रोपेलेंट) से चलती है। इसकी मारक क्षमता पेलोड (हथियार) के वजन के आधार पर 150 से 500 किलोमीटर तक है।
अगर इस पर 1,000 किलोग्राम का पेलोड लादा जाता है, तो यह 350 किलोमीटर तक मार कर सकती है। वहीं, 500 किलोग्राम का हल्का पेलोड होने पर इसकी रेंज बढ़कर लगभग 500 किलोमीटर हो जाती है।
डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, उच्च सटीकता सुनिश्चित करने के लिए यह मिसाइल अत्याधुनिक गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम से लैस है। यह अलग-अलग तरह के लक्ष्यों को भेदने के लिए कई प्रकार के वॉरहेड (विस्फोटक) ले जाने में सक्षम है।
दुश्मन के लिए रोकना है नामुमकिन:
इस मिसाइल की सबसे बड़ी खूबी इसका क्वासी-बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र (trajectory) है। एक सामान्य बैलिस्टिक मिसाइल की तरह यह तय रास्ते पर नहीं चलती, बल्कि उड़ान के दौरान अपनी दिशा और रास्ता बदलने में सक्षम है।
इस क्षमता के कारण दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे इंटरसेप्ट करना (हवा में रोकना) बेहद मुश्किल हो जाता है।
इसके अलावा, इसे एक मोबाइल लॉन्चर के जरिए दागा जा सकता है, जिसका अर्थ है कि युद्ध जैसी स्थिति में इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर तैनात किया जा सकता है। ठोस ईंधन प्रणाली और यह गतिशीलता सेना को बेहतरीन ऑपरेशनल लचीलापन प्रदान करती है।