भुवनेश्वर, जेएनएन। डिग्री कॉलेज के अध्यापक अब मनमाने ढंग से छुट्टी नहीं ले पाएंगे। अध्यापकों की छुट्टी मंजूर डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष करेंगे। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दे दिया गया है। भुवनेश्वर में आयोजित सरकारी एवं वित्त पोषित डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष तथा अध्यापकों के कौशल विकास सम्मेलन में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव ने उपरोक्त जानकारी दी है।

सचिव ने कहा है कि अध्यापकों की बायोमैट्रिक हाजिरी जांच करने के साथ गुणात्मक शिक्षा के लिए अध्यापकों को कुछ अतिरिक्त दायित्व देने पर भी मंथन करने के साथ फाइव टी की कार्यकारिता एवं मो सरकार योजना को कालेजों में केंदित करने के लिए अध्यापकों को निर्देश दिया गया। उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से गुणात्मक शिक्षा के लिए शुरू की गई कई सुधार योजना जो कि छात्र-छात्राओं के पास पहुंच सके। उस संदर्भ में भी कॉलेज के अध्यक्षों को उच्च शिक्षा मंत्री अरुण साहू ने अवगत कराया है।

इस अवसर पर कॉलेज के अध्यक्ष तथा कुछ अध्यापकों ने अपना विचार रखते हुए कहा कि अनेक कॉलेजों में आधारभूमि का विकास न हो पाने से नाक की मान्यता हो या फिर फाइव टी की कार्यकारिता उसका सही ढंग से अनुपालन नहीं हो पा रहा है। हालांकि छुट्टी के निर्णय का अध्यापकों ने स्वागत किया है। 

कॉलेज के अध्यक्षों ने कहा कि प्लस-2 से अलग होने के बाद से डिग्री कॉलेज के नाम पर जमीन नहीं है, ऐसे में नाक मान्यता भी नहीं मिल पा रही है। इस पर उच्च शिक्षा सचिव  कहा कि जमीन मालिकाना विवाद का समाधान करने के लिए पत्र लिखेंगे। इस सम्मेलन में उच्च शिक्षा मंत्री अरुण साहू, सचिव नाक सदस्य को मिलाकर कुल 689 डिग्री कालेज के 1200 अध्यक्ष एवं अध्यापक भाग लिए थे। सभी ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। 

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Posted By: Babita kashyap

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