भुवनेश्वर, जेएनएन। घर में किसी की मृत्यु होने पर बेटे शव को कंधा देते हुए श्मशान घाट ले जाते हैं और घर के बेटे ही मुखाग्नि देते हैं। यही हमारे समाज युगों से प्रचलित प्राचीन परंपरा है। हालांकि अब कुछ एक जगहों से बेटों की जगह बेटियों के मुखाग्नि देने की खबर सामने आने लगी है। गुरुवार को मालकानगिरी जिला में ऐसा ही कुछ दृश्य देखने को मिला है। पिता की मृत्यु के बाद तीन बेटी शव को कंधा देते हुए श्मशान घाट तक ले गई इसके बाद छोटी बेटी ने मुखाग्नि देते हुए पिता का अंतिम संस्कार किया।

सूचना के मुताबिक मालकानगिरी शहर के 119 नंबर कालोनी में सुकांत कुमार पटनायक की एक साइकिल की दुकान थी। वह इसी दुकान से अपने परिवार का भरण पोषण किया करते थे। गुरुवार की सुबह हार्ट अटैक होने से उनका निधन हो गया। खबर मिलने के बाद मुहल्ले के लोग घर पर जमा हो गए। पटनायक का कोई बेटा न होने से कौन मुखाग्नि देगा, इसे लेकर गांव के लोगों में चर्चा होने लगी। इसी बीच उनकी तीनों ही बेटियां सस्मिता, स्मिता एवं संगीता पिता के शव को कंधा देने के साथ मुखाग्नि देने के साथ तमाम क्रियाकलाप करने को आगे आयी। पिता के ​​शव को कंधा देकर इन तीनों ही बेटियों ने श्मशान घाट लेकर निकल पड़ी, इसे देख लोगों का मन विह्वल हो उठा और लोगों में इस दृश्य को लेकर अब चर्चा भी होने लगी है।

Posted By: Babita kashyap

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