जेएनएन, संबलुपर/भुवनेश्वर : बीते शुक्रवार को आए चक्रवात फणि ने पुरी, भुवनेश्वर, कटक आदि जिलों में जमकर तबाही मचायी है। चक्रवात फणि के तांडव में 34 लोगों की मृत्यु होने की पुष्टि सरकार ने की है। इसमें पुरी जिला में सर्वाधिक 21 लोगों की मौत हुई है जबकि अन्य जिलों में 13 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। केंद्रपाड़ा में 2, मयूरभंज में 4, जाजपुर में 4 एवं कटक में 3 लोगों की मृत्यु होने की पुष्टि सरकार की तरफ से की गई है। टेलीफोन एवं इंटरनेट सेवा पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है, ऐसे में प्रभावित जिलों के नुकसान की सूची नहीं मिल पायी है।

मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पाढ़ी ने कहा है कि तूफान मुख्य रूप से पुरी, खुर्दा एवं भुवनेश्वर के ऊपर से गति करने के कारण इन जिलों में भारी तबाही हुई है। इन जिलों में पुनरुद्धार कार्य काफी तेजी से चल रहा है। केंद्र एवं बिजली सेवा के पुनरुद्धार को लेकर ऊर्जा विभाग के सचिव हेमंत शर्मा ने बताया कि पुरी, खुर्दा, भुवनेश्वर में 1 लाख 56 हजार बिजली के खंभे नष्ट हो गए हैं। राजधानी भुवनेश्वर में 40 हजार बिजली के पोल गिर कर नष्ट हुए हैं। भुवनेश्वर, पुरी एवं खुर्दा बिजली सेवा की बहाली के लिए 4 हजार कर्मचारियों को नियोजित किया गया है। गंजाम में बिजली सेवा को बहाल कर लिया गया है। भुवनेश्वर में 40 हजार बिजली खंभे नए लगाए जाएंगे। भारत इस्पात प्राधिकरण से 20 हजार बिजली के खंभे मिल चुके हैं। शेष बिजली खंभे जल्द देने का प्राधिकरण ने आश्वासन दिया है। शहर में मौजूद 8 ट्रांसमिशन टावर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। आंध्र प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल से 500 कर्मचारी बिजली सेवा की बहाली के लिए बुलाए गए हैं। इसके साथ ही राज्य के 300 कर्मचारी बिजली सेवा को बहाल करने में लगे हुए हैं।

Posted By: Jagran

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