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मिसाइलों की टेस्टिंग साइट चांदीपुर में बनेगा बड़ा रिसर्च सेंटर, रॉकेट खोलेंगे अंतरिक्ष और वायुमंडल के गहरे राज

Published: Sat, 24 Oct 2026 11:39 AM (IST)

ओडिशा के चांदीपुर में वायुमंडलीय एवं अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा।

एआई से बनाई गई तस्वीर

एआई से बनाई गई तस्वीर

HighLights

  1. चांदीपुर में वायुमंडलीय एवं अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान केंद्र स्थापित होगा।

  2. यह केंद्र ऊपरी वायुमंडल और मौसम पर शोध करेगा।

  3. साउंडिंग रॉकेट से महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के बालेश्वर जिले के चांदीपुर में वायुमंडलीय एवं अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की पहल पर बनने वाला यह केंद्र वायुमंडल की ऊपरी परतों में होने वाले बदलाव, मौसम की स्थिति और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

केंद्र के निर्माण के लिए सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के निर्माण एवं रखरखाव विभाग की ओर से टेंडर आमंत्रित किया गया है। इस परियोजना पर 9.06 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कार्यादेश जारी होने के 15 महीने के भीतर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना के तहत सिविल निर्माण कार्य पर 5.67 करोड़ रुपये, विद्युत व्यवस्था पर 2.97 करोड़ रुपये और वातानुकूलन व्यवस्था पर 42 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस केंद्र की स्थापना में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और संबंधित मंत्रालय का संयुक्त सहयोग रहेगा।

साउंडिंग रॉकेट से जुटेंगे महत्वपूर्ण आंकड़े

वायुमंडल की ऊपरी परतों में होने वाले बदलावों का पता लगाना वैज्ञानिकों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। चांदीपुर स्थित रॉकेट प्रक्षेपण केंद्र से छोड़े जाने वाले साउंडिंग रॉकेट इस दिशा में महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाने में मदद करेंगे।

नए अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक इन आंकड़ों का विश्लेषण कर वायुमंडलीय स्थितियों और मौसम में होने वाले बदलावों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। इससे पृथ्वी के आसपास वायुमंडल में होने वाली गतिविधियों के अध्ययन को भी मजबूती मिलेगी।

विभिन्न सरकारी एजेंसियां करेंगी सहयोग

इस केंद्र को एक अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र यानी सुपर साइट के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें सरकार की विभिन्न एजेंसियां सहयोग करेंगी।

यहां एकत्र किए गए आंकड़ों और उनके वैज्ञानिक विश्लेषण से वायुमंडलीय बदलावों के अध्ययन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2024 में राज्यसभा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस अनुसंधान केंद्र की योजना के संबंध में जानकारी दी थी।

अब निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाने के साथ परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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