बिहार से तार जुड़ते ही हरकत में आई सीबीआई, ओडिशा में साइबर क्राइम नेटवर्क का खुलासा; दुकान से 400 सिम जब्त
दिल्ली सीबीआई ने ओडिशा के कुजंग में एक मोबाइल सिम दुकान पर छापा मारा, जहां 400 से अधिक सक्रिय सिम ...और पढ़ें

दुकान से 400 सिम जब्त (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
कुजंग में मोबाइल सिम दुकान पर सीबीआई का छापा।
फर्जी दस्तावेजों पर 400 से अधिक सिम कार्ड सक्रिय मिले।
इन सिमों का उपयोग करोड़ों की साइबर ठगी में हो रहा था।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। मोबाइल सिम बेचने वाली कुजंग की एक दुकान पर शुक्रवार को दिल्ली सीबीआई की टीम ने दिनभर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दुकान से सक्रिय (एक्टिवेट) किए गए 400 से अधिक सिम कार्डों का पता चला। सीबीआई अधिकारियों ने इनकी सूची तैयार कर अपने साथ ले ली।
साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। इसी क्रम में ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
58 सिम कुजंग की दुकान से एक्टिवेट
बिहार में एक मामले की जांच के दौरान पता चला कि विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के करीब 58 सिम कुजंग की इस दुकान से एक्टिवेट किए गए थे। इसके बाद दिल्ली सीबीआई की टीम ने ओडिशा शाखा के अधिकारियों के सहयोग से यहां छापा मारा।
जानकारी के अनुसार, कुजंग थाना क्षेत्र के पारिअंग गांव निवासी राजेश नायक उर्फ राजा तालदंडा नहर बांध के पास मोबाइल रिचार्ज और सिम बिक्री की दुकान चलाता है। सीबीआई टीम ने सुबह 9 बजे से दुकान पर छापेमारी शुरू की, जो शाम 7:30 बजे तक चली। जांच के दौरान पता चला कि दुकान से फर्जी दस्तावेजों और गलत पतों के आधार पर 400 से अधिक सिम कार्ड सक्रिय किए गए थे।
पूरा डेटा साइबर ठगों तक पहुंच रहा
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय किए जा रहे सिम कार्डों का पूरा डेटा साइबर ठगों तक पहुंच रहा था। इन सिम का उपयोग करने वाले लोगों की ऑनलाइन गतिविधियों और लेनदेन संबंधी जानकारी भी ठगों के पास उपलब्ध हो जाती थी। इसी आधार पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पांच राज्यों में एक साथ कार्रवाई शुरू की है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी ऐसे ही एक साइबर अपराध की जांच के दौरान पश्चिम बंगाल पुलिस ने कुजंग क्षेत्र के तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं एक अन्य कारोबारी के पास से 900 से अधिक फर्जी और गलत पते वाले सिम कार्ड बरामद किए गए थे।
