भुवनेश्वर, जेएनएन। भुवनेश्वर में आगामी दिनों में और डस्टबिन देखने को नहीं मिलेगा। इसकी जगह पर माइक्रो कमेस्टिंग सेंटर (एमसीसी), मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) एवं पैरोलाइसिस प्लांट कार्यकारी किया जाएगा और फिर शहर में और डस्टविन का प्रयोग नहीं होगा। सफाई कर्मचारी बैटरी से चलने वाले वाहन के जरिए घर-घर जाएंगे, कूड़ा का संग्रह करेंगे और फिर उसे अलग अलग ढंग से एमसीसी एवं एमआरएफ को लाएंगे। वहां पर उसे कम्पोस्टिंग किया जाएगा। यह एक बार कार्यकारी हो जाने के बाद भुवनेश्वर को गार्बेज फ्री सिटी के रूप में घोषित किया जाएगा। ऐसा होने के बाद राजधानी में और डस्टबिन देखने को नहीं मिलने की बात भुवनेश्वर नगर निगम के कमिश्नर प्रेमचन्द्र चौधरी ने कही है।

 
बीएमसी कमिश्नर ने कहा कि कूड़ा-कचरा संचालन के लिए भुवनेश्वर शहर में अत्याधुनिक प्रणाली अपनायी जाएगी। इसमें एमसीसी, एमआरएफ तथा पैरोलाइसिस प्लांट की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होगी। इस संदर्भ में मंगलवार को बीएमसी की तरफ से दो एमसीसी का उद्घाटन किया गया है। इसके साथ ही लोगों को गीला एवं सूखा कचरा अलग अलग रखने के लिए जागरूक किया गया। आगामी दिनों में भुवनेश्वर डस्टबिन मुक्त होने पर स्मार्टसिटी के तौर पर जुड़ने वाले विभिन्न सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल कर लेगा। गार्बेज फ्री सिटी के तौर पर भुवनेश्वर को विशेष रूप से 7 स्टार रेटिंग मिलेगी, जो भुवनेश्वर के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
 
बीएमसी के परिमल दायित्व में रहने वाले डिप्टी कमिश्नर शुभेंदु साहू ने कहा है कि भुवनेस्वर विभिन्न जगहों पर डस्टबिन रखी गई है, जहां की स्थिति खराब होने की शिकायत मिलती रही है। इसके लिए इसकी देख-रेख करने वाले संस्थानों पर जुर्माना भी लगाया गया। बावजूद इसके कोई सुधार नहीं होता है। ऐसे में बीएमसी ने उन्हें सम्पूर्ण रूप से हटाने का निर्णय लिया है। इस हेतु विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा खत्म हो गई है। एमसीसी का निर्माण कार्य खत्म होने के बाद घर-घर घूमकर कूड़ा संग्रह करने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। इसके बाद भुवनेश्वर में मौजूद डस्टबिन को हटा दिया जाएगा।

 

Posted By: Babita kashyap

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस