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ओडिशा: महानदी में मौत से डेढ़ घंटे तक लड़े 2 युवक, मगरमच्छ के जबड़े से बचा लाए भाई की जान 

Published: Mon, 05 Oct 2026 08:13 AM (IST)

महानदी में शौच के दौरान एक युवक पर मगरमच्छ ने हमला कर उसे पानी में खींचने का प्रयास किया। उसके ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. महानदी में युवक पर मगरमच्छ ने हमला किया।

  2. भाइयों ने डेढ़ घंटे तक संघर्ष कर जान बचाई।

  3. घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। महानदी की गहराई में जीवन और मौत के बीच रोमांचक संघर्ष चलता रहा। एक ओर खूंखार मगरमच्छ था, तो दूसरी ओर अपनी जान बचाने के लिए जूझ रहा एक युवक।

ऐसा लग रहा था मानो मौत उसका इंतजार कर रही हो, लेकिन उसने हार नहीं मानी। इसी बीच भाई की चीख सुनकर दो अन्य भाई अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में कूद पड़े।

करीब डेढ़ घंटे तक चले संघर्ष के बाद वे मगरमच्छ के चंगुल से अपने भाई को जीवित निकालने में सफल रहे। इस साहसिक घटना की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है।

शौच के दौरान हुई घटना

यह घटना बौद्ध जिले के हरभंगा ब्लॉक अंतर्गत मराड़ा महानदी घाट पर रविवार शाम को हुई। मगरमच्छ के हमले का शिकार मराड़ा गांव निवासी सुधीर बेहरा हुए। उन्हें बचाने के लिए जान जोखिम में डालने वाले उनके भाई छबिंद्र बेहरा और रिश्तेदार भाई प्रमोद प्रधान हैं।

जानकारी के अनुसार, रविवार शाम सुधीर शौच के लिए महानदी किनारे गए थे। इसी दौरान अचानक एक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें पानी के भीतर खींचने का प्रयास किया।

अचानक हुए इस हमले से सुधीर घबरा गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते हुए जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगे। सुधीर की आवाज सुनकर उनके भाई छबिंद्र और प्रमोद घटनास्थल पर पहुंचे।

उन्होंने देखा कि मगरमच्छ सुधीर को अपनी पकड़ में लेकर पानी के भीतर खींच रहा है। यह दृश्य देखकर दोनों कुछ पल के लिए विचलित जरूर हुए, लेकिन पीछे नहीं हटे।

डेढ़ घंटे तक चला संघर्ष

उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना महानदी के गहरे पानी में छलांग लगा दी और मगरमच्छ से भिड़ गए।

एक ओर सुधीर मगरमच्छ की पकड़ से छूटने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर छबिंद्र और प्रमोद उन्हें बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे थे।

मगरमच्छ के लगातार हमले के बावजूद दोनों ने हिम्मत नहीं हारी। लगभग डेढ़ घंटे तक चले संघर्ष के बाद वे सुधीर को मगरमच्छ के जबड़े से छुड़ाने में सफल हो गए।

स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया भर्ती

मगरमच्छ के हमले में गंभीर रूप से घायल सुधीर को परिजन वन्यजीव विभाग के वाहन की मदद से पहले पुरुणाकटक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।

वहां से हालत नाजुक होने के कारण रात करीब साढ़े आठ बजे उन्हें बौद्ध जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

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