भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। राजधानी भुवनेश्वर स्थित मास्टर कैंटीन चौक इन दिनों चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। ऐतिहासिक घोड़े को स्थानांतरित किए जाने के प्रश्न पर एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ यहीं से दिनदहाड़े एक नवजात शिशु के बिक्री होने की घटना ने सभी को आश्चर्यचकित कर दी है।

दलालों ने मां की गोद से 10 दिन के शिशु पुत्र को जबरन छीन लिया है। पिता के हाथ में 10 हजार रुपए देकर इन दलालों ने नवजात शिशु को खरीदा है। जानकारी के मुताबिक नवजात बच्चे के पिता को पैसा देकर तीन महिला दलालों ने मां की गोद से नवजात को छीन लिए। इस घटना के बारे में कैपिटल थाना के पास कोई खबर तक नहीं है। वहीं दूसरी तरफ चाइल्डलाइन की तरफ से इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए पुलिस आयुक्त, उप पुलिस आयुक्त, जिला शिशु सुरक्षा अधिकारी एवं ओडिशा राज्य शिशु अधिकार सुरक्षा आयोग का ध्यान आकर्षित किया गया है। पिछले कुछ दिनों के बीच राजधानी भुवनेश्वर में शिशु बिक्री की यह दूसरी घटना है।

कोरोना महामारी को लेकर उत्पन्न हुई बेरोजगारी लोगों को गरीबी के दलदल में इस कदर फंसा दिया है कि कुछ एक लोग पैसे की लालच में अपने नवजात शिशु को भी बेचने से पीछे नहीं हट रहे हैं। इसका लाभ कुछ दलाल उठा रहे हैं। राजधानी भुवनेश्वर में इसी तरह के कुछ दलालों के चंगुल में एक दंपत्ति फंसा है। मास्टर कैंटीन चौक पर दलाल 10 दिन के शिशु पुत्र को छीन ले गए। इसे लेकर चौक पर कुछ समय के लिए उत्तेजना का माहौल भी देखा गया। यह घटना तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। मास्टर कैंटीन चौक पर एक महिला को रोते हुए देख कर एक सामाजिक कर्मी ने उससे पूछताछ की तो घटना के बारे में पता चला।

महिला ने बताया कि दलाल पति को 10000 रुपए देकर 10 दिन के शिशु पुत्र को मुझसे छीन लिया। सामाजिक कार्यकर्ता ने शिशु बिक्री के बारे में जब जानकारी ली तो दंपत्ति ने बताया कि दलाल उनकी बिना मर्जी के शिशु पुत्र को छीन कर ले गए हैं। यहां उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले नयापल्ली पुलिस शिशु बिक्री मामले में बच्चे को खरीदने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया था और आज पुनः इस घटना की पुनरावृत्ति हुई है।

Edited By: Babita Kashyap