भुवनेश्वर, जेएनएन। राजधानी भुवनेश्वर को भिखारी मुक्त शहर बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार की तरफ से योजना बना ली गई है। यह बात सामाजिक सुरक्षा एवं भिन्नक्षम कल्याण मंत्री प्रफुल्ल सामल ने मंगलवार को विभाग की समीक्षा बैठक में कही। मंत्री ने कहा कि अब सरकार भिखारियों के लिए भी प्रशिक्षण की व्यवस्था करने वाली है ताकि वे भीख मांगना छोड़कर रोजगार का रास्ता अपनाएं।

भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि राज्य में 6482 भिखारियों की पहचान कर उनके पुनर्वास के लिए सहाय नियमावली तैयार की गई है। भुवनेश्वर को बहुत जल्द ही भिखारीमुक्त बना दिया जाएगा। इसके लिए कदम उठाए गए हैं। केंद्र सरकार के भिन्नक्षम अधिकार कानून-2016 को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य में जल्द ही भिन्नक्षम सशक्तीकरण प्रतिष्ठान खोला जाएगा। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भिन्नक्षमों सहित, भिखारी व आवासहीन, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए चिंतित है। हाल ही में सरकार ने नौकरी में भिन्नक्षमों के आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। राज्य में 4 लाख 25 हजार भिन्नक्षम, विधवा और वयस्क नागरिकों को सरकार मासिक भत्ता प्रदान कर रही है। भिन्नक्षम व्यक्तियों के लिए स्वतंत्र परिचय पत्र प्रदान योजना चलाई गई है। इसके तहत अब तक 2 लाख 75 हजार भिन्नक्षमों का पंजीकरण कराया जा चुका है। सरकार ने जटनी में भिन्नक्षमों के प्रशिक्षण के लिए स्वतंत्र औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र खोला है, यहां आवासीय सुविधा के साथ भिन्नक्षमों के हुनर को तराशा जा रहा है।

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