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ओडिशा : खेत में मछली पकड़ने गए गांव वालों के जाल में फंसा 6 फीट लंबा घड़ियाल, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

Published: Sat, 12 Sep 2026 04:55 PM (IST)

ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले में भारी बारिश के कारण एक खेत में मछली पकड़ने गए ग्रामीणों के जाल में 6 ...और पढ़ें

जाल में फंसा 6 फीट लंबा घड़ियाल

जाल में फंसा 6 फीट लंबा घड़ियाल

HighLights

  1. केंद्रापड़ा के खेत में मछली पकड़ते समय घड़ियाल फंसा जाल में।

  2. वन विभाग ने 6 फीट लंबे घड़ियाल को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

  3. बाढ़ के कारण घड़ियालों की आवाजाही बढ़ी, ग्रामीणों में भय।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर जाने से खेत भी छोटे-छोटे जलाशयों में तब्दील हो गए हैं। इसी बीच केंद्रापड़ा जिले के राजनगर ब्लॉक के ब्राह्मणीकोला गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मछली पकड़ने गए ग्रामीणों के जाल में छह फीट लंबा घड़ियाल फंस गया।

जानकारी के अनुसार, बारिश का पानी खेतों में जमा होने के कारण ग्रामीण मछली पकड़ने के लिए खेत के किनारे जाल लगाकर गए थे। बुधवार सुबह जब वे जाल निकालने पहुंचे तो उन्हें लगा कि बड़ी मात्रा में मछलियां फंसी होंगी। जाल में भारी वजन महसूस होने पर ग्रामीण उत्साहित हो गए, लेकिन जैसे ही जाल को बाहर निकाला गया, उसमें विशाल घड़ियाल को देखकर उनके होश उड़ गए।

सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया, क्योंकि घड़ियाल खेत के बीच तक पहुंच चुका था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक घड़ियाल को जाल से निकालकर अपने कब्जे में लिया। बाद में उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ और बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से घड़ियाल भोजन की तलाश में नदी-नालों से निकलकर खेतों और गांवों की ओर पहुंच जाते हैं। माना जा रहा है कि मछलियों का शिकार करने के दौरान यह घड़ियाल खेत में आ गया और जाल में फंस गया।

उल्लेखनीय है कि राजनगर और भितरकनिका क्षेत्र में हाल के दिनों में मगरमच्छों की आवाजाही बढ़ी है। कभी नहरों तो कभी तालाबों और खेतों में इनके पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। खेतों में अभी भी पानी भरा होने के कारण लोग खेती-बाड़ी और अन्य कार्यों के लिए वहां जाने से डर रहे हैं।

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