मछली पकड़ने के लिए फेंका था जाल, फंस गया 6 फीट लंबा घड़ियाल; वन विभाग ने दिलाई राहत की सांस
ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले में भारी बारिश के कारण जलभराव वाले खेत में मछली पकड़ने के दौरान ग्रामीणों के जाल ...और पढ़ें

जाल में फंसा घड़ियाल। फोटो जागरण
HighLights
केंद्रापड़ा के ब्राह्मणीकोला में 6 फीट लंबा घड़ियाल जाल में फंसा।
बारिश के पानी से भरे खेत में मछली पकड़ते समय घटना हुई।
वन विभाग ने घड़ियाल को सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में छोड़ा।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर जाने से खेत भी छोटे-छोटे जलाशयों में तब्दील हो गए हैं।
इसी बीच केंद्रापड़ा जिले के राजनगर ब्लॉक के ब्राह्मणीकोला गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मछली पकड़ने गए ग्रामीणों के जाल में छह फीट लंबा घड़ियाल फंस गया।
जानकारी के अनुसार, बारिश का पानी खेतों में जमा होने के कारण ग्रामीण मछली पकड़ने के लिए खेत के किनारे जाल लगाकर गए थे। बुधवार सुबह जब वे जाल निकालने पहुंचे तो उन्हें लगा कि बड़ी मात्रा में मछलियां फंसी होंगी।
जाल में भारी वजन महसूस होने पर ग्रामीण उत्साहित हो गए, लेकिन जैसे ही जाल को बाहर निकाला गया, उसमें विशाल घड़ियाल को देखकर उनके होश उड़ गए।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया, क्योंकि घड़ियाल खेत के बीच तक पहुंच चुका था।
वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक घड़ियाल को जाल से निकालकर अपने कब्जे में लिया। बाद में उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ और बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से घड़ियाल भोजन की तलाश में नदी-नालों से निकलकर खेतों और गांवों की ओर पहुंच जाते हैं। माना जा रहा है कि मछलियों का शिकार करने के दौरान यह घड़ियाल खेत में आ गया और जाल में फंस गया।
उल्लेखनीय है कि राजनगर और भितरकनिका क्षेत्र में हाल के दिनों में मगरमच्छों की आवाजाही बढ़ी है। कभी नहरों तो कभी तालाबों और खेतों में इनके पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। खेतों में अभी भी पानी भरा होने के कारण लोग खेती-बाड़ी और अन्य कार्यों के लिए वहां जाने से डर रहे हैं।
