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ओडिशा में ऑनलाइन ऑटो चालकों के आंदोलन पर परिवहन विभाग का एक्शन, 354 वाहनों के परमिट 45 दिनों के लिए रद

Published: Thu, 24 Sep 2026 11:55 PM (IST)

भुवनेश्वर में ऑनलाइन ऑटो चालकों के विरोध प्रदर्शन के बाद परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. परिवहन विभाग ने 354 ऑटो-रिक्शा के परमिट निलंबित किए।

  2. मास्टर कैंटीन चौक पर हुए हंगामे के बाद यह कार्रवाई।

  3. यातायात बाधित करने और अव्यवस्था फैलाने का आरोप।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। राजधानी भुवनेश्वर के मास्टर कैंटीन चौक पर हाल में ऑनलाइन (ओला, उबर और रैपिडो) ऑटो चालकों के आंदोलन के दौरान हुए हंगामे के मामले में परिवहन विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की।

विभाग ने घटना में शामिल 354 ऑटो-रिक्शा के परमिट 45 दिनों के लिए निलंबित कर दिए हैं। इसके अलावा यातायात नियमों के उल्लंघन पर 181 ऑटो के खिलाफ ई-चालान जारी किए गए हैं।

आरटीओ-1 अधिकारियों के अनुसार, मास्टर कैंटीन क्षेत्र में आंदोलन के दौरान अव्यवस्था और यातायात बाधित होने की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

इससे पहले कमिश्नरेट पुलिस ने इस मामले में 115 ऑटो चालकों को गिरफ्तार किया था। इनमें से 86 चालक मंगलवार को झारपड़ा जेल से रिहा हुए थे।

घटना के बाद पुलिस ने मास्टर कैंटीन चौक के निकट ऑनलाइन ऑटो चालकों के संगठन द्वारा संचालित एक ऑटो स्टैंड को भी ध्वस्त कर दिया था। जेसीबी मशीन की मदद से स्टैंड हटाकर उस स्थान को खाली कराया गया, जहां ऑटो खड़े किए जाते थे।

राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी चालक को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से वाहन चलाने के लिए बाध्य नहीं किया जा रहा है। ओडिशा में वर्ष 2023 से एग्रीगेटर नीति लागू है, जिसके तहत कंपनियां सरकार द्वारा निर्धारित किराये से अधिक राशि यात्रियों से नहीं वसूल सकती हैं।

अधिकारियों ने कई वाहनों को जब्त कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई भी शुरू की थी। जांच में कुछ जब्त वाहनों के पास वैध बीमा या परमिट नहीं पाए गए थे। अब परमिट निलंबन की कार्रवाई के बाद ऑटो चालकों के बीच इस मुद्दे पर नई चर्चा शुरू हो गई है।

भुवनेश्वर आरटीओ-1 ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 86 के तहत यह कार्रवाई की गई है। आंदोलन के दौरान संबंधित चालकों ने सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए परेशानी उत्पन्न की और यातायात बाधित किया।

सुनवाई के दौरान चालकों अथवा उनके प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए। इसलिए उनके परमिट 45 दिनों के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।

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