जासं, भुवनेश्वर : पुरी श्रीमंदिर के पास 5000 श्रद्धालुओं को बैठकर महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए विशाल मंडप बनाया जाएगा। मंदिर के पास संकीर्तन के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। यज्ञ, ध्यान आदि करने के लिए स्थान बनाया जाएगा। पुरी में प्रस्तावित श्रीमंदिर कॉरिडोर में यह तीन काम जोड़े गए हैं। कॉरिडोर पर पहले चरण में श्रीमंदिर कार्यालय सम्मेलन कक्ष में विचार-विमर्श किया गया था। मंगलवार को भुवनेश्वर सेतु भवन में दूसरे चरण की बैठक की गई।

श्रीमंदिर संचालन कमेटी के अध्यक्ष गणपति महाराज दिव्य सिंहदेव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। साथ ही आगामी अप्रैल के पहले सप्ताह तक हेरिटेज कॉरिडोर की रूपरेखा बनकर तैयार हो जाने की जानकारी श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक किशन कुमार ने दी। उन्होंने कहा कि इसके बाद काम शुरू किया जाएगा जिसे दो साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में उपस्थित श्रीमंदिर संचालन कमेटी के सदस्य, सेवायतों के प्रतिनिधि, गवेषकों से कॉरिडोर के लिए तैयार नक्शे में और क्या क्या बदलाव किया जा सकता है, सुझाव लिए गए। इस दौरान रघुनाथ महापात्र ने श्रीमंदिर के पास किए गए सौंदर्यीकरण कार्य में उत्कलीय कला की छाप ना होने से नाराजगी जाहिर करते हुए प्रशासन से विशेष ध्यान देने की मांग की। श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक किशन कुमार ने उनकी मांग पर गौर करने का भरोसा दिया है। बैठक में सेवायतों ने श्रीमंदिर के सामने से स्वर्गद्वार जाने के लिए कॉरिडोर तैयार करने का प्रस्ताव रखने समेत रथखला के साथ रथ से संबंधित सभी कार्य एवं परंपरा जिस जगह पर होती है वहां पर उन सभी को रखना उचित बताया। साथ ही श्रीमंदिर के चारों ओर सामान्य यातायात पर ध्यान देने पर जोर दिया। मुख्य प्रशासक ने बताया कि हेरिटेज कॉरिडोर प्रस्ताव पर वर्तमान समय तक 231 लोगों का सुझाव ईमेल के जरिए आया है। गणपति महाराज, सेवायत तथा अन्य लोग भी अपना मत रखे है। गवेषक, संचालन कमेटी के सदस्य, पूर्व सदस्य तथा अन्य जानकार लोगों के साथ चर्चा की जा रही है। मार्च के अंतिम सप्ताह या फिर अप्रैल के पहले सप्ताह तक अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की योजना है। श्री मंदिर आने वाले भक्त ामहाप्रभु का आसानी से दर्शन कर वापस लौटे इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कॉरिडोर के लिए श्रीमंदिर की नीति या फिर परंपरा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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