कबाड़ बन गई हैं आदिवासियों की सुविधा के लिए खरीदी गई 20 सिटी बसें, की जा रही कबाड़ियों को बेचने की तैयारी

जनजातीय क्षेत्रों में यात्रियों के सुरक्षित आवागमन के लिए इन बसों को खरीदने में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं लेकिन अब आलम यह है कि इन्‍हें कबाड़िया को बेचना पड़ेगा। इसके पीछे वजह देखभाल का अभाव है।