मंझावली पुल शिलान्यास के 48 दिन बाद भी नहीं शुरू हुआ काम, ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद का सफर कैसे होगा आसान?
ग्रेटर नोएडा में मंझावली पुल सड़क परियोजना का 26 दिसंबर को शिलान्यास हुआ था, लेकिन 48 दिन बाद भी निर्माण ...और पढ़ें

फरीदाबाद व गौतमबुद्ध नगर को जोड़ने वाले मंझावली पुल के लिए संपर्क मार्ग का 26 दिसंबर को शिलान्यास हुआ था।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा की फरीदाबाद से सीधे कनेक्टिविटी के लिए मंझावली पुल सड़क परियोजना का 26 दिसंबर को शिलान्यास किया गया था, लेकिन 48 दिन बीतने के बाद भी अब तक काम नहीं शुरू हो सका है। गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में 1.7 किमी नई सड़क बनाई जाएगी।
बाकी के हिस्से का चौड़ीकरण होना है, जो वर्षों से अटका है। हरियाणा में करीब 20 किमी का हिस्सा काफी पहले से तैयार है, लेकिन ग्रेटर में काम शुरू नहीं हो सका है। इस मार्ग से गौतमबुद्ध नगर और हरियाणा के 200 गांव व कस्बे जुड़े हुए हैं।
इन गांवों के निवासियों की आपस में रिश्तेदारियां हैं। रस्ता इतना ऊबड़-खाबड़ है कि लोगों को मजबूरी में जोखिम उठाकर वाहन ले जाना पड़ता है। गौतमबुद्ध नगर में इसे परियोजना को पूरा करने के लिए एक वर्ष का समय निर्धारित किया गया है। 48 दिन अब तक बीत गए हैं।
जल्दबाजी में क्यों हुआ शिलान्यास?
ऐसे में सवाल उठने लगे हैं इस गति से कैसे तय समय के भीतर परियोजना पूरी होगी। शिलान्यास में जो तेजी दिखी वह निर्माण कार्य में नहीं दिख रही है। यदि निर्माण शुरू नहीं करना था तो शिलान्यास की ऐसी क्या जल्दबाजी थी।
ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद की सीधे कनेक्टिविटी के लिए 36 साल पहले 1989 में मंझावली पुल सड़क परियोजना का पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट ने शिलान्यास किया था। लंबे समय तक कार्य बंद रहा। 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद दोबारा शिलान्यास के साथ परियोजना का काम शुरू हुआ।
हरियाणा ने परियोजना पर तेजी से काम किया, लेकिन गौतमबुद्ध नगर में किसानों के साथ जमीन के मुआवजा को सहमति न बनने के कारण काम ही शुरू नहीं हो पाया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बराबर मुआवजा राशि पर सहमति बनने के बाद किसान जमीन देने को तैयार किए। मुआवजा वितरण के लिए राशि कम पड़ने के कारण अब तक 70 प्रतिशत जमीन का ही अधिग्रहण पूरा हो सका है।
पांच किमी का रास्ता, लागत 66 करोड़
मंझावली पुल के लिए गौतमबुद्ध नगर में पांच किमी लंबी सड़क से कनेक्टिविटी होगी। इसमें 1.7 किमी लंबी नई सड़क का निर्माण होना है। यह सड़क 45 मीटर चौड़ी व चार लेन की होगी। इसके अलावा करीब एक किमी लंबी मौजूदा सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा के हिस्से में तकरीबन दो किमी सड़क की मरम्मत होगी।
परियोजना पर कुल 66 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
सड़क के लिए 4.99 हे. जमीन अधिगृहीत की जा रही है, जिस पर करीब 28 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। यह जमीन जगनपुर, मुरर्शदपुर, जगनपुर दोआब गांव के 130 किसानों की है। कुल जमीन का 85 प्रतिशत जगनपुर के किसानों का है। उन्हें तकरीबन 25 करोड़ वितरित हो चुके हैं। शेष दो गांव किसानों को अभी मुआवजा वितरण होना शेष है।
ग्रेनो-फरीदाबाद के बीच आवाजाही होगी सुगम
सड़क के बनने से दिल्ली में वाहनों का दबाव कम होगा। ग्रेटर नोएडा व फरीदाबाद के बीच वाहनों की आवाजाही में समय और ईंधन की बचत होगी। नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होने से लाखों लोगों को लाभ होगा।
गौतमबुद्ध नगर व फरीदाबाद के करीब 200 गांवों को इसके चालू होने के बाद सीधा फायदा होगा। दोनों जिलों के गांवों की आपस में रिश्तेदारियां है। हर रोज लोगों का आना जाना लगा रहता है। पुल चालू होने के बाद इन गांवों के लिए राह आसान होगी।
