यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MH370 : 30 महीने बाद लगा गलत इलाके में खोज रहे विमान
मार्च 2014 में लापता मलेशियाई एयरलाइंस का विमान एमएच-370 गलत इलाके में खोजा जा रहा था।

सिडनी, रायटर : मलेशिया एयरलाइंस के लापता विमान एमएच-370 की पानी के नीचे तलाश में जुटे लोगों का मानना है कि वे गलत इलाके में इसकी खोज कर रहे हैं। यह विमान 239 सवारों के साथ आठ मार्च 2014 में कुआलालंपुर से बीजिंग जाते वक्त लापता हो गया था। इसके बाद से समुद्र में इसके मलबे की तलाश की जा रही है। लेकिन, अब तक कुछ भी हाथ नहीं लगा है।
हॉलैंड की कंपनी फुगरो के शीर्ष खोजकर्ताओं ने अब कहा है कि शायद यह विमान अंतिम क्षणों में सीधे नीचे नहीं डूबा था। मुमकिन है कि पायलट इसे कहीं और ले गया हो। फुगरो के परियोजना निदेशक पॉल कैनेडी ने बताया, 'अगर वह यहां नहीं है, तो इसका अर्थ है कि वह कहीं और है। यदि पायलट ने विमान को सीधे गिरने से बचाने के लिए उड़ाया होगा तो वह काफी दूर तक गया हो सकता है। हो सकता है उसे उड़ाकर उस इलाके से काफी दूर तक ले जाया गया हो, जहां हम खोज रहे हैं।'
कैनेडी की टीम के मुताबिक इस बात की संभावना है कि अंतिम क्षणों में पायलट विमान चलाने में कामयाब हो गया हो। इसका मतलब यह है कि विमान उस इलाके से बाहर निकल गया होगा, जो उपग्रह तस्वीरों से जुटाई जानकारी के आधार पर खोज के लिए तय किया गया है।
गौरतलब है कि फुगरो के नेतृत्व में एक दल विमान के मलबे की तलाश में पिछले दो साल में ग्रीस के बराबर आकार का समुद्री इलाका खंगाल रहा है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पास दक्षिणी हिंद महासागर के 1,20,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में जारी यह खोज अगले तीन महीने में खत्म होने की संभावना है। इसके बाद इसे रोका जा सकता है। इस मसले पर शुक्रवार को मलेशिया, चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक बैठक होनी है।