यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एच-1बी वीजा पर अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप को लिखा पत्र
सांसदों ने राष्ट्रपति को 27 जुलाई को पत्र लिखा था, जिसे मंगलवार को सार्वजनिक किया गया।

वाशिंगटन, प्रेट्र। एच-1बी वीजा का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में है। अमेरिकी सांसदों के एक सर्वदलीय समूह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर एच-1बी और एल-1 वीजा का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। बड़ी कंपनियों पर सस्ते श्रम के लिए इस सुविधा का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
सांसदों ने राष्ट्रपति को 27 जुलाई को पत्र लिखा था, जिसे मंगलवार को सार्वजनिक किया गया। सांसदों ने लिखा कि उन्होंने इस बाबत संसद में प्रस्ताव पेश किया है। इससे एच-1बी और एल-1 वीजा नियमों की मौजूदा खामियों को दूर किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य अमेरिकी कामगारों के हितों को सुरक्षित रखना और आउटसोर्सिग कंपनियों पर लगाम लगाना है। सांसदों के मुताबिक कुछ कंपनियां एच-1बी वीजा के जरिये कुशल अमेरिकी कामगारों की कीमत पर विदेशों से सस्ता श्रम जुटा रही हैं। इस सुविधा का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसे में आप (ट्रंप) एच-1बी वीजा का दुरुपयोग रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं।
एच-1बी वीजा भारतीय आइटी कंपनियों में बहुत लोकप्रिय है। इसके जरिये बड़ी तादाद में भारतीय पेशेवरों को अमेरिका में रोजगार मिलता है। सस्ते श्रम के कारण कंपनियों की लागत में भी कमी आती है। इसमें किसी भी तरह के सुधार से भारतीय आइटी उद्योग के प्रभावित होने की आशंका है। एल-1 वीजा वैसी कंपनियों के कामगारों को दिया जाता है, जिनकी शाखाएं अमेरिका और विदेश दोनों जगह हों।
