वाशिंगटन। अमेरिका ने एच1बी वीजा पाने की राह मुश्किल कर दी है। दो अमेरिकी सीनेटरों ने पिछले महीने सीनेट में बिल पेशकर एच1बी वीजा की संख्या में 15000 तक कटौती करने का प्रस्ताव दिया था। इतना ही नहीं दोनों ने वीजा जारी करने में ऊंची कमाई करने वालों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया था।

ज्ञात हो कि यह लोकप्रिय वीजा बड़ी संख्या में भारत से अमेरिका जाने वाले आइटी पेशेवरों को दिया जाता रहा है। इस वीजा की उपलब्धता संख्या सीमित करने और तय सीमा से अधिक के लिए नियम कड़ा करने से भारतीय पेशेवरों के प्रभावित होने का खतरा है।

वर्तमान में हर वर्ष अधिकतम 85,000 एच1बी वीजा जारी किए जाते हैं। इनमें से 20,000 वीजा ऐसे लोगों को दिया जाता है जिन्होंने विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित में उच्च शिक्षा हासिल की है।

डेमोक्रेटिक पार्टी के बिल नेल्सन और रिपब्लिकन पार्टी के जेफ सेशन्स ने विधेयक पेश किया था। नेल्सन ने कहा, 'इस विधेयक से सीधे तौर पर आउटसोर्सिग कंपनियों को निशाना बनाया गया है। ये कंपनियां कुशल अमेरिकी कामगारों की जगह कम वेतन के विदेशी कामगारों को प्राथमिकता देती हैं।'

यात्रा वीजा छूट को भी किया सख्त : पेरिस में हुए आतंकवादी हमले को देखते हुए अमेरिका ने वीजा छूट कार्यक्रम को भी सख्त कर दिया है। नए प्रतिबंध से 1 मार्च 2011 से इराक और सीरिया के अलावा ईरान और सूडान की यात्रा करने वालों के लिए नियम कड़ा किया गया है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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