लीबिया। पैगंबर मोहम्मद पर बनी विवादित अमेरिकी फिल्म को लेकर मिस्र से अरब जगत तक सब जगहों पर प्रदर्शनों का दौर जारी है। इस बीच अमेरिकी पुलिस फिल्म निर्माण से जुड़े एक व्यक्ति के कैलिफोर्निया स्थित घर पर पहुंची।

सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब मान रही है कि नकूला बेसेले ही इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स फिल्म के निर्देशक हैं। माना जा रहा है कि नकूला बेसेले नाम का यह शख्स मिस्र मूल का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि जिस कंपनी ने फिल्म का निर्माण किया है नकूला उस कंपनी के मैनेजर हैं।

बताया जा रहा है कि पैगंबर मोहम्मद पर बनी फिल्म में जो दरवाजा दिखाया गया है, नकूला बेसेले के घर का मुख्य दरवाजा भी वैसा ही है। इससे पता चलता है कि वह इस फिल्म से जुड़े हैं। हालांकि नकूला ने इस बात से पूरी तरह से इन्कार किया है। वहीं फिल्म के कलाकारों ने भी उनके साथ धोखा होने का आरोप लगाया है। इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स शीर्षक से बनी इस फिल्म के यूट्यूब क्लिप का विश्लेषण करने वालों ने फिल्म को बेहद बचकाना और बेहूदा बताया है।

फिल्म के कलाकारों के मुताबिक उन्हें नहीं पता था कि फिल्म पैगंबर मुहम्मद पर आधारित है। फिल्म के पोस्ट प्रॉडक्शन के बाद ही पैगंबर का नाम डाला गया है। कलाकारों के मुताबिक उन्हें जो स्क्रिप्ट मिली थी उस पर मास्टर जार्ज लिखा था। बाद में इस चरित्र को मुहम्मद में बदल दिया गया। कलाकारों को इसका पता तक नहीं चला था। कलाकारों की ओर से जारी एक उनकी ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह इस फिल्म के साथ नहीं है और उन्हें धोखे में रखकर यह फिल्म बनाई गई है। फिल्म की अभिनेत्री ने भी साफ तौर पर धोखाधड़री का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि लीबिया के बेनगाजी में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले से अमेरिकी राजदूत की हत्या के मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। लीबियाई अधिकारियों ने कहा है कि मंगलवार को बेनगाजी में अमेरिकी राजदूत की हत्या और दूतावास पर हुए हमले के सिलसिले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

लीबिया के नए प्रधानमंत्री मुस्तफा अबू शगूर का कहना है कि बेनगाजी हमले की जांच जारी है और इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस मामले में हत्यारों की कड़ी सजा देने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि आरोपियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच उन्होंने लीबिया की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर वहां दो युद्धपोत भेजे गए हैं।

वहीं, मिस्र और लीबिया के बाद अब यमन में भी अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने दूतावास की इमारत पर धावा बोला और जमकर तोड़फोड़ भी की। उन्हें रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों को गोलिया चलानी पड़ीं। गोलीबारी में एक की मौत हो गई।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमैनी ने पैगंबर मोहम्मद के अपमान वाली कथित इस्लाम-विरोधी फिल्म के निर्माण के लिए अमेरिका व इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।

खमैनी ने गुरुवार को एक संदेश जारी कर कहा कि इस बुराई के पीछे यहूदियों व अमेरिका की विरोधी नीतियां व वैश्विक अहंकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस अपराध के लिए यहूदी राष्ट्रवाद व अमेरिकी सरकार जिम्मेदार है।

गौरतलब है कि लीबिया के बेनगाजी में अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार को हुए हमले में अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवंस समेत चार और लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिका में निर्मित इस्लाम विरोधी फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स के खिलाफ बृहस्पतिवार को पूरे अरब जगत में हिंसक प्रदर्शन हुए।

इस मामले में ओबामा प्रशासन का मानना है कि बेनगाजी में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला पूर्ण नियोजित साजिश के तहत किया गया था। हालाकि, इस मामले की जाच की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लीबिया सरकार से सुरक्षा के मुद्दे पर बात की है। इस हमले के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय को लीबिया से अपने ज्यादातर दूतावास कर्मियों को वापस बुलाने का निर्णय लेना पड़ा।

दूसरी ओर इजरायली मूल के अमेरिकी सैम बेसिल की फिल्म से भड़की हिंसा पर दुनिया भर में हो रही प्रतिक्रिया से अमेरिका में चुनावी माहौल भी गरमा गया है। विशेषज्ञ ने भविष्यवाणी कर दी है कि ताजा घटनाक्रम छह नवंबर को होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर व्यापक असर डालेगा।

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