यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मोसुल में हताहत होने वाले नागरिकों की संख्या बढ़ी
इराकी सेना शहर के दक्षिण पूर्व में धीमी गति से आगे बढ़ रही है। इस्लामिक स्टेट (आइएस) के आतंकी ढाल के रूप में नागरिकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बगदाद, रायटर। मोसुल पर कब्जा करने में जुटी इराकी सेना शहर के दक्षिण पूर्व में धीमी गति से आगे बढ़ रही है। इस्लामिक स्टेट (आइएस) के आतंकी ढाल के रूप में नागरिकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आतंकियों की इस चालाकी का शिकार नागरिक हो रहे हैं। यह जानकारी सेना के अधिकारी ने मंगलवार को दी।
अमेरिका ने कहा कि पिछले दो सप्ताह में समीप के अस्पतालों में हताहत नागरिकों की संख्या बढ़ी है। इराक में आइएस के सबसे बड़े गढ़ में लड़ाई तेज होने के बाद से हताहतों की संख्या बढ़ गई है।
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शहर के पूर्वी और उत्तर पूर्वी क्षेत्र में इराकी सेना को सफलता मिली है। नए साल में सेना की गति में तेजी आई है। अमेरिका समर्थित सेना पहली बार दजला नदी के समीप तक पहुंची है।
मोसुल में उत्तरी हिस्से में पहुंची इराकी सेना
इराकी सेना के प्रवक्ता अब्बास अल-अजावी ने कहा, 'मंगलवार को सेना हडबा जिले में प्रवेश कर गई। शहर के भीतर लड़ाई जारी है।' हडबा एक बड़ा जिला है और इसपर कब्जा करने में एक दिन से ज्यादा समय लग सकता है। आइएस आत्मघाती बम तैनात कर रहा है।
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मोसुल पर दो वर्ष से ज्यादा समय बाद फिर से कब्जा होने के साथ ही इराक में आइएस द्वारा घोषित खलीफा सल्तनत का अंत हो जाएगा। आइएस ने इराक और सीरिया के एक बड़े हिस्से पर कब्जा करने के बाद खलीफा सल्तनत की घोषणा की थी।
