वाशिंगटन, प्रेट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जून महीने के प्रस्तावित अमेरिका दौरे से पहले भारत-अमेरिकी रिश्तों में नई गर्माहट पैदा करने की कोशिश परवान चढ़ने लगी है। भारत के साथ नाटो और इजरायल जैसे घनिष्ठ सैन्य संबंध स्थापित करने के लिए मंगलवार को अमेरिकी संसद में विधेयक पेश कर दिया गया।

अमेरिका-भारत रक्षा तकनीकी और सहयोग अधिनियम का विधेयक सीनेटर मार्क वार्नर और सीनेटर जॉन कॉरनिन ने पेश किया। अब यह प्रस्ताव सीनेट की विदेशी मामलों की कमेटी के समक्ष आवश्यक कार्रवाई के लिए जाएगा। सीनेट में विधेयक पेश करते हुए सांसद वार्नर ने कहा, यह अधिनियम भारत के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाएगा। इनमें रक्षा संबंध मुख्य होंगे, जिनके चलते हम एशिया और पूरी दुनिया में साथ मिलकर कार्य कर सकेंगे। भारत की उभर रही अर्थव्यवस्था हमारे रक्षा उद्योग को नई ताकत दे सकती है। इससे लाखों अमेरिकियों को रोजगार मिलेगा। इसी तरह का एक विधेयक प्रतिनिधि सभा में मार्च में पेश हो चुका है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका भारत को भरोसेमंद सहयोगी के रूप में देख रहा है।

अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए अधिकारियों की एक कार्यकारी शाखा गठित की है। भारत के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाने और व्यापार उन्नयन के लिए रक्षा मंत्रालय पेंटागन में खासतौर पर एक कार्यालय की स्थापना की गई है।

Edited By: Gunateet Ojha