यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
परवान चढ़ने लगीं हैं पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने की कोशिशें
'पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म डेजिगनेशन एक्ट' नाम के इस विधेयक को अमेरिकी प्रशासन से चार महीने के अंदर पारित करने का अनुरोध किया गया है।

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने की भारत की कोशिशें परवान चढ़ने लगी है। अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने का विधेयक कांग्रेस में पेश कर दिया है। पाकिस्तान के खिलाफ अलग-अलग अमेरिकी सांसद पहले भी बोलते रहे हैं, लेकिन पहली बार उसे आतंकी देश घोषित करने के लिए कांग्रेस में विधेयक लाया गया है। जुलाई और सितंबर में अमेरिकी सीनेट की दो सुनवाई के दौरान सांसदों और विशेषज्ञों ने पाकिस्तान पर आतंकियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कड़े प्रतिबंध की जरूरत बताई थी। जाहिर है कश्मीर पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश में वाशिंगटन पहुंचे नवाज शरीफ के लिए अपनी देश की साख बचाना मुश्किल हो गया है।
'पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म डेजिगनेशन एक्ट' नाम के इस विधेयक को अमेरिकी प्रशासन से चार महीने के अंदर पारित करने का अनुरोध किया गया है। नियम के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति को 90 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट जारी करना होगा, जिसमें यह बताना होगा कि पाकिस्तान सचमुच में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को समर्थन दे रहा है या नहीं। इसके पहले एक महीने के भीतर अमेरिकी विदेश मंत्री को एक समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा कि पाकिस्तान कैसे एक आतंकी देश है और वह किस तरह से आतंकियों की मदद कर रहा है।
कांग्रेस में यह विधेयक आतंकवाद पर अमेरिकी कांग्रेस की उपसमिति के अध्यक्ष तथा टेक्सास से अमेरिकी सांसद टेड पोए और कैलिफोर्निया के सांसद दाना रोहराबाचेर ने पेश किया है। दाना रोहराबाचेर बलूचिस्तान की आजादी के प्रबल समर्थक हैं।
टेड पोए ने मंगलवार को जारी बयान में उड़ी हमले की निंदा करते हुए कहा की पाक की हरकतों से पड़ोसी देशों को गंभीर खतरा है और दुर्भाग्य से हर बार इसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ता है। उनके अनुसार पाकिस्तान भरोसा करने लायक सहयोगी नहीं है, उल्टे वह सालों से अमेरिकी दुश्मनों को मदद करता रहा है। आतंकी हक्कानी नेटवर्क को संरक्षण और अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को शरण देने जैसे कई सबूत हैं, जिससे साफ साबित होता है कि पाकिस्तान आतंकवाद को सहायता दे रहा है। उनके अनुसार अब वक्त आ गया है कि जब अमेरिका न सिर्फ पाकिस्तान को धोखेबाजी के लिए वित्तीय मदद देना बंद करे, बल्कि आतंक को प्रायोजित करने वाला देश भी घोषित करे, जिसका वो असली हकदार है।
वहीं एक अन्य अमेरिकी सांसद टॉम कॉटन ने कहा कि उड़ी में भारतीय जवानों पर सोते समय हमला करना एक कायराना हरकत है, जिसकी हम घोर निंदा करते हैं। इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को अवश्य सजा मिलनी चाहिए। इनके साथ ही लगभग अमेरिकी कांग्रेस के विभिन्न कमेटियों से जुड़े कई सांसदों ने अलग-अलग बयान जारी कर उड़ी हमले की निंदा की है और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। जाहिर है अमेरिका में कश्मीर मुद्दे को लेकर समर्थन जुटाने की पाकिस्तानी कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। कश्मीर पर समर्थन तो दूर पाकिस्तान को अब अपनी साख बचाने के लाले पड़ गए हैं।
