क्वीटो, रायटर। धरती तो पलभर कांपकर थम जाती है, लेकिन पीछे छोड़ जाती है रूह कंपाती तबाही। भीषण भूकंप के बाद वही रूह को कंपा देने वाला मंजर इक्वाडोर में हर ओर फैला है। राहत और बचावकर्मी मलबे के नीचे से जिंदगियों की तलाश में लगे हैं। जो मलबे से बाहर हैं, वो मलबे से आती हर आवाज में किसी अपने को पहचानने की कोशिश में लगे हैं। बिजली, पानी और परिवहन की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।

इक्वाडोर में शनिवार देर शाम आए 7.8 की तीव्रता वाले भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या 413 के आंकड़े को छू गई है। इसके अतिरिक्त तकरीबन 2,000 से ज्यादा लोग घायल हैं। दहशत में लोग घरों के बाहर खुले मैदान में चटाइयों पर रात काट रहे हैं। पुलिस और सेना के जवान रात के अंधेरे में भी लोगों को उम्मीद की किरण दिखाने की कोशिश में जुटे हैं। रविवार देर रात बचावकर्मियों ने ऐसे ही एक घर के मलबे से तीन बच्चों और एक वयस्क को बाहर निकाला। शहर भर में घायलों के इलाज और भोजन-पानी की व्यवस्था के लिए शामियाने लगाए गए हैं। हर ओर पट्टियां बांधे और प्लास्टर चढ़ाए लोग दिख रहे हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इटली दौरे को बीच में छोड़कर लौटे राष्ट्रपति राफेल कोरिया ने रविवार देर रात तटीय प्रांत मनाबी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि इक्वाडोर बेहद मुश्किल में है। उनकी आवाज में भी माहौल जैसी ही कंपकपी थी। राष्ट्रपति को डर है कि आपदा में मरने वालों की संख्या में अभी बढ़ोतरी हो सकती है।

दहशत अब भी कायम
भीषण भूकंप में जिंदा बचे लोग अब भी दहशत में हैं। भूकंप के बाद से 230 हल्क झटके (आफ्टर शॉक) लग चुके हैं। लोग घरों में घुसने से डर रहे हैं। उनका कहना है कि आफ्टर शॉक उनके कमजोर हो चुके घरों को गिरा सकता है। लोगों का कहना है कि हालात में सुधार और आफ्टर शॉक रुकने के बाद घरों की विधिवत मरम्मत के बाद ही उनमें रहा जा सकता है।

बढ़े मदद के हाथ

सरकार ने बताया कि घरेलू स्तर पर फंड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा वेनेजुएला, चिली और मेक्सिको से सैन्य सहायता और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति हो रही है। इक्वाडोर के रेड क्रॉस सोसयटी ने 800 से ज्यादा स्वयंसेवकों को मैदान में उतारा है। बहुपक्षीय ऋणदाताओं की ओर से मिले करीब 60 करोड़ डॉलर (करीब 4,000 करोड़ रुपये) आपात स्थिति के लिए प्रयोग में लाए जा रहे हैं।

अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट
भूकंप के कारण हुए नुकसान का ठीक-ठीक अनुमान लगाना अभी संभव नहीं है। इतना जरूर स्पष्ट है कि इस भूकंप से देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ेगा। इक्वाडोर की अर्थव्यवस्था मूल रूप से पेट्रोलियम के कारोबार पर निर्भर है। हाल के महीनों में कच्चे तेल की कीमतों ने पहले ही अर्थव्यवस्था को संकट में डाला हुआ है। ऐसे में भूकंप के बाद अर्थव्यवस्था को संभालना और भी बड़ी चुनौती होगी। सड़क और बंदरगाहों के हालात खराब होने से केला, फूल, कोको और मछली के व्यापार पर भी दुष्प्रभाव पड़ा है।

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Posted By: Gunateet Ojha