लाहौर, प्रेट्र। पाकिस्तान में भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह हत्या मामले की धीमी प्रगति पर अदालत ने नाखुशी जाहिर करते हुए जेल अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कई बार समन भेजे जाने के बावजूद गवाही देने के लिए नहीं आने पर जेल उपाधीक्षक के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। सरबजीत की मई 2013 में लाहौर की कोट लखपत जेल में हत्या कर दी गई थी।

लाहौर की अदालत ने यह आदेश कोट लखपत जेल के उपाधीक्षक के पेश नहीं होने पर दिया है। अतिरिक्त जिला और सत्र जज ने लाहौर पुलिस प्रमुख को आदेश दिया कि वह कोट लखपत जेल के उपाधीक्षक की 17 फरवरी को अदालत में पेशी सुनिश्चित करें। जज ने कहा कि इस मामले में बहुत कम प्रगति हुई है। सुनवाई के दौरान जज ने कोर्ट के साथ सहयोग नहीं करने को लेकर जेल अधिकारियों को फटकार भी लगाई है।

गौरतलब है कि कोट लखपत जेल में मौत की सजा काट रहे दो कैदी आमिर तंबा और मुदस्सर ने सरबजीत पर हमला किया था। इसमें सरबजीत की मौत हो गई थी। लाहौर हाई कोर्ट के एक सदस्यीय न्यायिक आयोग के जस्टिस मजहर अली अकबर नकवी ने इस मामले की जांच की थी। नकवी ने 40 गवाहों के बयान दर्ज किए थे और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। हालांकि यह रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।

आयोग ने बयान दर्ज करने के लिए विदेश मंत्रालय के जरिये सरबजीत के रिश्तेदारों को भी नोटिस जारी किया था। आयोग को दिए बयान में आमिर और मुदस्सर ने अपना जुर्म स्वीकार किया है। दोनों ने कहा था कि वे लाहौर और फैसलाबाद बम धमाकों में मारे गए लोगों का बदला लेने के लिए सरबजीत की हत्या करना चाहते थे।

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Posted By: Manish Negi