लंदन (आईएएनएस)। ब्रिटिश सांसदों द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश सोसायटी में रहने वाली महिलाओं में मुस्लिम महिलाएं आर्थिक रूप से सर्वाधिक पिछड़ी हुई हैं। तीन गुने से ज्यादा महिलाएं बेरोजगार हैं और नौकरी की तलाश कर रही हैं। गुरूवार को बीबीसी छपी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग दोगुने से ज्यादा महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर हैं।

सांसदों ने मंत्रियों से आग्रह किया है कि वो इस साल के अंत तक इन असमानताओं को दूर करने के लिए एक कार्ययोजना पेश करें। रिपोर्ट में जो सबसे अहम बात सामने निकल कर आई है उसके अनुसार मुस्लिम महिलाओं में इन असमानताओं और पिछड़ेपन का कारण उनका 'धर्म' है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुस्लिम महिलाओं में इस्लामोफोबिया के प्रभाव को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।

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इन महिलाओं की संख्या अंग्रेज महिलाओं की तुलना में 71 फीसदी से भी अधिक है, जबकि इनकी शैक्षिक योग्यता और भाषा का स्तर इनके (अंग्रेज महिलाओं) समान ही है। सांसदों की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब भी मुस्लिम महिलाएं जॉब के लिए अप्लाई करती हैं तो उन्हें कई बार अपने पहनावे के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

यदि मुस्लिम और अन्य ब्रिटिश कामकाजी महिलाओं की तुलना की जाए तो इसमें भी काफी अंतर देखने को मिलता है। कामकाजी आयु वर्ग की 69 फीसदी ब्रिटिश महिलाएं जॉब करती हैं जबकि मुस्लिम महिलाओं में यह संख्या केवल 35 फीसदी है। डेटा के अनुसार, पिछले वर्ष 27 फीसद महिलाओएं आर्थिक रूप से निष्क्रिय थीं।

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Posted By: kishor joshi

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