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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस्लामिक स्टेट मानव तस्करी के जरिए बाल शरणार्थियों की कर रहा है भर्ती

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Sun, 05 Feb 2017 09:12 PM (IST)Updated: Sun, 05 Feb 2017 09:34 PM (IST)

यह रिपोर्ट बाल तस्करी, अतिवाद और आधुनिक दासता के जोखिम को घटाने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जरूरतों को रेखांकित करती है।

इस्लामिक स्टेट मानव तस्करी के जरिए बाल शरणार्थियों की कर रहा है भर्ती
इस्लामिक स्टेट मानव तस्करी के जरिए बाल शरणार्थियों की कर रहा है भर्ती

लंदन, प्रेट्र : आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) बाल शरणार्थियों की भर्ती कर रहा है। इसके लिए वह मानव तस्करों को धन दे रहा है, जो लेबनान और जॉर्डन जैसे देशों के बेसहारा बच्चों का 'शिकार' कर रहे हैं। एक ब्रिटिश रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट सोमवार को जारी होगी।

आतंकवाद रोधी विचार संस्था 'किलियम' की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूरोपीय संघ की पुलिस एजेंसी यूरोपोल ने बेसहारा हो चुके बच्चों की अनुमानित संख्या 88,300 बताई है। ये सभी बच्चे लापता हैं। 'किलियम' की वरिष्ठ अध्ययनकर्ता निकिता मलिक ने समाचार पत्र 'आब्जर्वर' से कहा, अतिवादी समूह युवा शरणार्थियों को निशाना बना रहे हैं क्योंकि उन्हें आसानी से शिकार बनाकर जंग में झोंका जा सकता है। लड़कियों के मामले में भी लड़ाकों की नई पीढ़ी तैयार की जा सकती है।

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यह रिपोर्ट बाल तस्करी, अतिवाद और आधुनिक दासता के जोखिम को घटाने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जरूरतों को रेखांकित करती है। इसके मुताबिक आइएस ने लेबनान और जॉर्डन में शरणार्थी शिविरों में भर्ती के लिए 2,000 डॉलर तक की पेशकश की है। मालूम हो, पिछले साल जॉर्डन के विशेष बल ने भी बताया था कि उन्होंने उत्तरी जॉर्डन में इरबिद के पास एक शरणार्थी शिविर में सक्रिय आइएस के स्लीपर सेल को ढूंढ निकाला है।

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