यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संयुक्त राष्ट्र की परामर्श समिति में चुने गए भारतीय अधिकारी
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने चुनाव के बाद ट्वीट में जानकारी दी।

संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र । भारत के एक और अधिकारी संयुक्त राष्ट्र की परामर्श समिति में सर्वसम्मति से चुन लिए गए। यह परामर्श समिति विश्व निकाय के बजट और प्रबंधन प्रयासों की जांच में मदद करती है। इससे एक दिन पहले भारतीय वकील अनिरुद्ध राजपूत अंतरराष्ट्रीय विधि आयोग के सदस्य चुने गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव महेश कुमार शुक्रवार को प्रशासनिक एवं बजटीय सवाल पर परामर्श समिति (एसीएबीक्यू) के लिए चुने गए। उनका चुनाव मौखिक मतदान से हुआ।
भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी कुमार ब्रुसेल्स, तेल अवीव और रामल्ला में सेवा दे चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र को सौंपे गए उनके विवरण के मुताबिक, विकास साझीदारी परियोजनाओं और प्रशासनिक एवं बजटीय मामलों का उन्हें अच्छा अनुभव है।
कुमार को जिस समिति में चुना गया है वह महासभा की पांचवीं समिति की मदद करेगी। समिति प्रशासनिक एवं बजटीय मुद्दों से निपटेगी और संगठन के बजट एवं अन्य प्रबंधन प्रयासों की भी देखरेख करेगी। कुमार के साथ जापान के ताकेशी अकामात्सु और चीन के ये शूएनोन्ग भी चुने गए हैं। एशिया प्रशांत देशों के चुने गए तीनों सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षो का होगा। इनका कार्यकाल जनवरी 2017 से शुरू होगा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने चुनाव के बाद ट्वीट में जानकारी दी। उन्होंने कहा है, 'एक और युवा भारतीय शीर्ष पद के लिए विजयी हुए। महेश कुमार को प्रशासनिक एवं बजटीय समिति में सर्वसम्मति से चुना गया है।'
एक दिन पहले 33 वर्षीय अनिरुद्ध राजपूत संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुए कड़े चुनाव में विजयी हुए थे। वह अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रगतिशील विकास और उसके वर्गीकरण का जिम्मा संभालने वाले अंतरराष्ट्रीय विधि आयोग के सदस्य बने हैं। गुप्त मतदान में राजपूत को 160 मत मिले।