इस्लामाबाद। सत्ता से बेदखल होकर ब्रिटेन में निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहे पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के भारत विरोधी रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। पाकिस्तान के मौजूदा हुक्मरानों की हां में हां मिलाते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी भारतीय सैनिक का सिर कलम नहीं किया गया।

एक भारतीय अंग्रेजी चैनल से बातचीत में पूर्व तानाशाह ने कहा कि पाकिस्तानी सेना इस तरह के काम नहीं कर सकती है। हमारी सेना को सिर काटने जैसे अमानवीय कृत्य की ट्रेनिंग नहीं दी जाती है। पाकिस्तानी जवान ऐसा नहीं कर सकते हैं।

बकौल मुशर्रफ, यह कहना गलत है कि आतंकवादियों की मदद से पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सैनिकों का सिर कलम किया है। उनके कार्यकाल में हुए कारगिल हमले का जिक्र करने पर वह भड़क गए। मुशर्रफ ने कहा, 'कारगिल पर कोई बहस करने से पहले 1971 की जंग और सियाचिन पर पहले बात होनी चाहिए।' पाकिस्तान सेना की आतंकवादियों से सांठगांठ पर उनका कहना था, 'हम पागल नहीं हैं। हमें बदनाम करने से पहले भारत ने हम पर जो जुल्म ढाया है, उसका जवाब क्यों नहीं देते। हमारे गायकों और खिलाड़ियों को क्यों भगाया। इन बातों का भारत के पास है कोई जवाब।'

चैनल से बातचीत में उन्होंने भारत पर द्विपक्षीय संबंधों को न सुधारने का आरोप लगाया। भारत सरकार और भारतीय राजनेताओं को जमकर कोसते हुए मुशर्रफ ने कहा कि भारतीय नेता और मीडिया हर बात के लिए पाकिस्तान को कोसते रहते हैं। भारत में लोग बड़ी आसानी से हर चीज के लिए पाकिस्तान और वहां की सेना को जिम्मेदार ठहरा देते हैं।

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