इस्लामाबाद। अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने हक्कानी को 28 जनवरी को अदालत के पेश होने के लिए सोमवार को नोटिस जारी किया है। हक्कानी अभी अमेरिका में हैं। उनका कहना है कि अगर वह पाकिस्तान लौटे तो उनकी जान खतरे में पड़ सकती है।

प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यों की पीठ 28 जनवरी को हक्कानी की ओर से पूर्व अमेरिकी सेना प्रमुख एडमिरल माइक मुलेन को कथित रूप से भेजे मेमो से संबंधित मामले की सुनवाई करेगी। इस मेमो में हक्कानी ने अमेरिका से कहा था कि ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद सरकार को अपदस्थ करने की आशंकाओं को दूर करने के लिए वह हस्तक्षेप करे। अदालत ने पाकिस्तान सरकार से 13 जनवरी तक हक्कानी को मिली सुरक्षा पर भी रिपोर्ट देने को कहा है। अदालत ने आइएसआइ और रक्षा मंत्रालय समेत मामले के अन्य पक्षों को भी नोटिस जारी किया।

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