यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दक्षिण चीन सागर पर तैरते परमाणु संयंत्र बनाएगा चीन
स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्री फॉर नेशनल डिफेंस के उप निदेशक वांग यिरेन ने यह जानकारी दी।

बीजिंग, प्रेट्र। चीन आने वाले समय में दक्षिण चीन सागर में तैरते परमाणु संयंत्र विकसित करेगा। बीजिंग के मुताबिक, यह कदम विवादित समुद्री क्षेत्र के द्वीपों पर बिजली आपूर्ति बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है।
स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्री फॉर नेशनल डिफेंस के उप निदेशक वांग यिरेन ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समुद्री गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और समुद्रीय परियोजनाओं के लिए स्थायी ऊर्जा उपलब्ध करवाने की खातिर आगामी पांच वर्षो में चीन तैरते परमाणु प्लेटफॉर्म के विकास को प्राथमिकता देगा। वांग ने बताया कि चीनी अधिकारी संबद्ध मूलभूत तकनीकों और समुद्री परमाणु उर्जा संयंत्रों के मानकीकरण पर पहले ही शोध कर चुके हैं।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह देश की पंचवर्षीय आर्थिक विकास योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पिछले साल जुलाई में आधिकारिक वीचैट अकाउंट पर प्रकाशित लेख में चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉरपोरेशन के हवाले से बताया गया था कि भविष्य में चीन 20 तैरते परमाणु ऊर्जा स्टेशन विकसित कर सकता है। ये संयंत्र दक्षिण चीन सागर के द्वीपों पर ऊर्जा और जल आपूर्ति में उल्लेखनीय इजाफा करेंगे।
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नेशनल न्यूक्लियर कॉरपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष सन क्विन ने मार्च 2016 में कहा था कि ये स्टेशन 2019 तक काम शुरू कर देंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, तैरते संयंत्र प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में ज्यादा सुरक्षित होते हैं। वर्तमान में चीन में 23 परमाणु ऊर्जा उत्पादन इकाइयां हैं। इनके अतिरिक्त 27 इकाइयां निर्माणाधीन हैं। निर्माणाधीन इकाइयों की संख्या पूरी दुनिया में निर्माणाधीन परमाणु इकाइयों की संख्या की एक तिहाई है।
