यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराधिकारी के मिजाज से चिंतित हैं बराक ओबामा
ओबामा ने कहा कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को जल्द ही अहसास होगा कि यदि वह अपने स्वभाव की कुछ चीजें ठीक नहीं करते तो ये उनके लिए अच्छी नहीं रहेंगी।

वाशिंगटन, प्रेट्र। जनवरी में व्हाइट हाउस से विदा होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने उत्तराधिकारी डोनाल्ड ट्रंप के स्वभाव पर चिंता जताई है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को ईरान परमाणु समझौता और पेरिस जलवायु संधि रद करने को लेकर चेताया है। साथ ही उम्मीद जताई है कि ट्रंप इस बात को समझेंगे कि चुनाव प्रचार करना और देश का शासन चलाना दो अलग-अलग चीजें हैं।
ओबामा ने कहा कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को जल्द ही अहसास होगा कि यदि वह अपने स्वभाव की कुछ चीजें ठीक नहीं करते तो ये उनके लिए अच्छी नहीं रहेंगी। उम्मीदवार होने के दौरान आप कुछ गलत या विवादित बात कहते हैं तो इसका असर उस समय की तुलना में कम पड़ता है जब आप अमेरिका के राष्ट्रपति होते हैं। राष्ट्रपति बनने पर दुनिया का हर व्यक्ति आप पर नजर रखता है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों के लिए सटीकता का एक स्तर जरूरी होता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आप गलतियां नहीं कर रहे। चुनाव प्रचार के दौरान भी ओबामा स्वभाव से ट्रंप को राष्ट्रपति पद के अयोग्य बता चुके हैं। हालांकि चुनाव नतीजे आने के बाद गुरुवार को ओवल कार्यालय में उन्होंने ट्रंप से मुलाकात की थी।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ओबामा ने ट्रंप को ईरान और पेरिस समझौता रद नहीं करने की नसीहत देते हुए कहा कि काफी प्रयास के बाद ये ऐतिहासिक समझौते हुए हैं। उन्होंने कहा, 'यदि आपको वास्तव में उनकी जांच करने के बाद पता लगता है कि ये अंतरराष्ट्रीय समझौते हमारे लिए अच्छे हैं तो यह परंपरा है कि आप उन्हें आगे लेकर जाते हैं और अन्य देशों को ऐसे काम करने के लिए बाध्य करते हैं जिनसे आपकी मदद होती है।'
ट्रंप के हो रहे विरोध को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास सरकार चलाने के लिए अपनी टीम के गठन और नीतियां तय करने का पूरा अधिकार है। लोकतंत्र इसी प्रकार काम करता है। ओबामा ने बताया कि जब उन्होंने चुनाव जीता था तो बहुत से लोग उन्हें भी पसंद नहीं करते थे। उनकी बातों से सहमत नहीं थे। उन्होंने कहा कि इतने कड़वाहट भरे चुनाव के बाद जब आप दूसरी पार्टी के राष्ट्रपति को चुनते हैं तो लोगों को नई सच्चाई से तालमेल बैठाने में कुछ समय लगता है।
सहयोगियों को दिलाया भरोसा
ओबामा ने नाटो सहयोगियों को आश्वासन देते हुए कहा कि ट्रंप मूल रणनीतिक संबंधों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बतौर राष्ट्रपति अपने आखिरी विदेशी दौरे पर रवाना होने से पहले उन्होंने यह बात कही। ओबामा ने कहा कि उनके साथ बातचीत में ट्रंप ने नाटो सहित अमेरिका के मूल रणनीतिक संबंधों को कायम रखने को लेकर बहुत रूचि दिखाई। एक सप्ताह के इस विदेश दौरे के दौरान ओबामा ग्रीस, जर्मनी और पेरू की यात्रा करेंगे।
