कुआलालंपुर। आसियान नेताओं ने यूरोपीय संघ (ईयू) की तर्ज पर नए क्षेत्रीय इकोनॉमिक ब्लॉक के गठन की घोषणा की है। इसका नाम आसियान इकोनॉमिक कम्यूनिटी (एईसी) होगा। यह क्षेत्र में वस्तुओं, पूंजी और कुशल कामगारों की स्वतंत्र आवाजाही के लिए एकल बाजार उपलब्ध कराएगा।

एईसी के गठन को लेकर कुआलालंपुर घोषणापत्र पर रविवार को हस्ताक्षर हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून सहित दुनियाभर के दिग्गज नेता इसके गवाह बने। एईसी के तहत एक ऐसा एकल बाजार तैयार होगा, जिसमें वस्तुओं के साथ पूंजी और कुशल कामगारों का मुक्त प्रवाह होगा। यह दक्षिण पूर्व एशिया की विविध अर्थव्यवस्थाओं को एकीकृत करेगा। ईयू का ढांचा भी कमोबेश ऐसा ही है।

दस देशों वाले आसियान समूह ने "आसियान 2025, फोर्जिंग अहेड टुगेदर" पर घोषणापत्र के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इसमें अगले दस साल में एईसी को तैयार करने का विस्तृत रोडमैप दिया गया है। आसियान में ब्रुनेई, कंबोडिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड और वियतनाम शामिल हैं।

7.5 फीसद की दर से भी ज्यादा तेज बढ़ेगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनियाभर पर छाए आर्थिक सुस्ती के बादलों में भारत को चमकता सितारा करार दिया है। उन्होंने कहा है कि देश साढ़े सात फीसद की रफ्तार से दौड़ रहा है। आने वाले वर्षों में वह इससे भी ज्यादा तेजी से बढ़ेगा। मलेशिया में तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम बोले कि प्रमुख ग्लोबल संस्थानों को भी भारत के आर्थिक विकास पर पूरा भरोसा है।

Posted By: Gunateet Ojha