पेरिस। फ्रांस ने कहा है कि रूस के साथ हुए समझौते के तहत वह उसे समय पर युद्धपोत देगा। ब्रिटेन और अमेरिका उसके इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं।

यूरोपीय परिषद की बैठक के मौके पर यूक्रेन के मुद्दे पर रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों से अलग फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद ने कहा कि समझौते के तहत अक्टूबर में रूस को एक युद्धपोत सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले युद्धपोत के बारे में फैसला रूस के रवैये पर निर्भर करेगा।

ऐसा कहकर फ्रंास ने स्पष्ट कर दिया है कि वह रूस के साथ विवादित समझौते को आगे बढ़ाना चाहता है। एक दिन पहले ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि उनके देश के लिए रूस के साथ ऐसे किसी समझौते के बारे में सोचना तक संभव नहीं है। ओलांद की सोशलिस्ट पार्टी के प्रमुख जीन क्रिस्टोफ के मुताबिक, ओलांद पीछे नहीं हट रहे हैं। वह केवल पहले हुए समझौते पर आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच 1.2 बिलियन यूरो का यह समझौता फ्रंास के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने 2011 ने किया था। गौरतलब है कि पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों को समर्थन के चलते अमेरिका और ब्रिटेन, रूस के खिलाफ हैं।

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