बीजिंग, पीटीआई। चीन के झेंजियांग प्रांत में बीमारी से मरे 300 टन सुअरों को डंप करने के आरोप में 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन लोगों ने साल 2013 से 2014 के दौरान 300 टन बीमारी से मरे सुअरों को झेंजियांग के पहाड़ी इलाकों में फेंका था। सिटी गवर्नमेंट ने कहा था कि, हुझौ इंडस्ट्रियल एंड मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट कंपनी को इन मरे हुए सुअरों को जलाने का सर्कुलर जारी किया गया था।

सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, पुलिस जांच से पता चलता है कि कंपनी के पास इन मरे हुए सुअरों को रखने के लिए इनके पास एक 50 टन की क्षमता वाला रेफ्रीजरेटर है। जब कंपनी की सुविधा समाप्त हो गयी तो उसने डेईन पहाड़ी की तीन साइट्स पर इन बीमारी से मरे सुअरों को फेंक दिया। पिछले सप्ताह सरकार ने 224 टन अविघटित शवों को कीचड़ से निकलवाया अब इन अविघटित शवों को जलाया जाएगा। नगर पालिका के एक सैंपल रिपोर्ट में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ने बताया कि इन शवों में किसी प्रकार का मानव संक्रमित रोग नहीं पाया गया।

अधिकारियों ने आदेश दिया है कि सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो, कृषि और पर्यावरण विभाग और स्थानीय सरकार को सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित कर दें कि इन शवों को मिट्टी में नहीं छोड़ा गया बल्कि जला दिया गया है। बाद में, स्थानीय पर्यावरण सेवा केंद्र इस पर्यावरण प्रभाव आकलन को पूरा करेगा।

झेंजियांग की प्रांतीय सरकार ने इस प्रक्रिया की देखरेख के लिए निरिक्षकों की टीम भेजी है। पूर्वी चीन के प्रांतों को सुअर प्रजनन के लिए ही जाना जाता है और यहां पर इन शवों को जलाने की व्यवस्था भी होती है। हालांकि, कभी – कभी स्थानीय डीलर पैसे बचाने के लिए अवैध डंपिंग भी करते है।

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By Ravindra Pratap Sing