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मॉस्को, रायटर/एएफपी। रूस के हवाई हमले में इस्लामिक स्टेट के चार शीर्ष कमांडरों समेत 40 आतंकी मारे गए। खुफिया सूचना के आधार पर यह हमला पूर्वी सीरिया के डेर अल-जोर शहर से लगते इलाके में किया गया था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को फेसबुक पोस्ट में आइएस के विदेशी लड़ाकों की भर्ती का काम देखने वाले कुख्यात अबू मुहम्मद अल-शिमाली के मारे जाने का दावा किया है।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पांच सितंबर को खुफिया सूचना मिली थी कि आइएस के शीर्ष आतंकी शहर के समीप एक भूमिगत बंकर में बैठक करने वाले हैं। आतंकियों के अड्डे को तबाह करने के लिए लड़ाकू विमान सुखोई-34 और सुखोई-35 से 'बंकर बस्टर' बम गिराए गए। इसमें शिमाली समेत चार शीर्ष कमांडर मारे गए जबकि आइएस का युद्ध मंत्री गुलमुराद खलिमोव गंभीर रूप से घायल हो गया। शिमाली खुद को डेर अल-जोर का अमीर बताता था। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक घायल खलिमोव को डेर अल-जोर से करीब 20 किलोमीटर दूर अल-मुहासन ले जाया गया है। सीरियाई सेना ने मंगलवार को डेर अल-जोर पर कब्जा कर लिया था।

पहले भी आ चुकी है खलिमोव के मारे जाने की खबर

खलिमोव ताजिकिस्तान का नागरिक है। वह सेना में कर्नल था। खलिमोव गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले स्पेशल फोर्स का प्रमुख भी रहा चुका है। वर्ष 2015 में आइएस में शामिल होने से पहले खलिमोव को विशेष प्रशिक्षण के लिए अमेरिका भेजा गया था।

मई, 2015 में एक वीडियो जारी कर उसने आइएस में शामिल होने और ताजिकिस्तान में शरई कानून लागू कराने की घोषणा की थी। इस साल अप्रैल में मोसुल में उसके मारे जाने की खबर आई थी। जुलाई, 2017 में ही ताजिकिस्तान के सुरक्षाबलों ने उसके परिवार के चार लोगों को मुठभेड़ में मार गिराया था। अमेरिका ने पिछले साल खलिमोव का सुराग देने वालों के लिए 30 लाख डॉलर (करीब 19 करोड़ रुपये) के इनाम की घोषणा की थी।

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Posted By: Manish Negi

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