जागरण संवाददाता, अंबाला : 11 हजार 400 स्ट्रीट लाइट लगने के बाद भी नगर परिषद में कंट्रोल रूम स्थापित नहीं हो पाया है, क्योंकि स्ट्रीट लाइट के लिए लगाए गए सेंट्रल कंट्रोल एंड मानिटरिग सिस्टम (सीसीएमएस) को बिजली कनेक्शन की जरूरत है, जो अभी लंबित है। वहीं संबंधित कंपनी की तरफ से इस संबंध में नगर परिषद के अधिकारियों को जानकारी भी दे दी गई है, जबकि कंट्रोल रूम स्थापित करने की कार्रवाई पहले ही पूरी कर ली गई है और इसके लिए बाकायदा कंप्यूटर चिप आधारित सिस्टम भी तैयार कर दिया है। दूसरी तरफ अभी छह वार्डो में पांच हजार स्ट्रीट लाइट की अतिरिक्त जरूरत है। स्ट्रीट लाइट की कमी के चलते वार्ड नंबर 5, 6, 16, 17, 21 व 23 में काम शुरू नहीं हो पाया है, जबकि 25 वार्ड में लगी स्ट्रीट लाइट को लेकर नगर परिषद कार्यालय में कंट्रोल पैनल लगा दिया है।

कंट्रोल रूम से ही आन व आफ होंगी स्ट्रीट लाइट

छावनी में लगाई गई स्ट्रीट लाइट को सीधे सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजशिन (स्काडा) सिस्टम द्वारा संचालित किया जाएगा। इस सुविधा से सभी क्षेत्रों में लगी स्ट्रीट लाइट की आसानी से मानिटरिग की जा सकेगी। अगर किसी भी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट खराब होती है या फिर इसके साथ कोई छेड़छाड़ होती है, तो तुरंत कंट्रोल रूम में संदेश प्राप्त हो जाएगा। इसके बाद कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचकर खराब स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करेंगे। वहीं स्ट्रीट लाइट को आन व आफ करने की कार्रवाई भी उक्त सिस्टम से ही की जाएगी। लगाए जा रहे 130 कंट्रोल पैनल

वार्ड स्तर पर स्ट्रीट लाइटों को कंट्रोल करने के लिए सेंट्रल कंट्रोल एंड मानिटरिग सिस्टम (सीसीएमएस) के 130 पैनल लगाए जा रहे हैं। यह पैनल मोबाइल पर आधारित कार्यप्रणाली की तरह कार्य करेंगे। इसमें एक सिम लगाया जाएगा, जो 24 घंटे वाइ-फाइ से जुड़ा रहेगा। 25 पैनल हाइ मास्क लाइट के लिए लगाए जा रहे हैं। वहीं 105 पैनल वार्ड स्तर पर लगाए जा रहे हैं। वहीं कंट्रोल सिस्टम के तहत पांच विभागीय अधिकारियों के नंबर भी फीड किए जाएंगे। अगर स्ट्रीट लाइट के साथ छेड़छाड़ या फिर अन्य कोई दिक्कत होती है तो संदेश कंट्रोल रुम के अलावा संबंधित विभागीय अधिकारियों के मोबाइल पर भी तुरंत मिल जाएगा।

जगमग योजना के तहत छावनी में 11 हजार 400 स्ट्रीट लाइट लगा दी गई हैं। वहीं नप कार्यालय में कंट्रोल रूम बना दिया है। स्ट्रीट लाइट को सीसीएमएस पैनल से जोड़ा जा रहा है। पैनल को शुरू करने के लिए बिजली कनेक्शन की जरूरत है। इसकी जानकारी नप अधिकारियों को दी गई है। सितंबर तक यह सारी कार्रवाई पूरी करनी है।

संजीव कुमार, कंट्रोल पैनल इंचार्ज।

Edited By: Jagran

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