संवाद सूत्र, फाजिल्का : पंजाब रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से एक बार फिर से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी गई है, जिसके तहत रविवार को पहले दिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बस स्टैंड पूरा दिन ही सूना नजर आया। केवल रेगुलर बसें ही सड़कों पर दौड़ती रही, जबकि कच्चे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बस स्टैंड पर धरना देते हुए रोष प्रदर्शन किया।

इस दौरान कई सरकारी बसें बंद होने के कारण महिलाओं को जहां प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं रोडवेज बस के इंतजार में कई घंटे बस स्टैंड पर भी बीताने पड़े। फाजिल्का से चलने वाली रोडवेज की बात करें तो 32 में से 27 बसें बंद हैं, जिनमें से चार से पांच बसें केवल फिरोजपुर रूट पर ही चल रही हैं, जबकि बाकी रूटों पर प्राइवेट बसें हैं, जिस कारण सवारियों को कई-कई घंटे बसों का इंतजार करना पड़ा। इस मौके यूनियन के प्रधान मनप्रीत सिंह ने कहा कि आप ने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि ठेकेदारी सिस्टम खत्म किया जाएगा और नई बसें लाकर लोगों को सुविधा दी जाएगी। लेकिन सत्ता में आने के बाद ना तो किसी कर्मचारी को पक्का किया गया और ना ही नई बसें लाई गई। इस संबंध में उन्होंने तीन दिवसीय हड़ताल करने का फैसला लिया तो ट्रांसपोर्ट मंत्री ने उनकी बैठक सीएम से करवाने की बात कहकर संघर्ष स्थगित करवा दिया। लेकिन अढ़ाई माह तक कोई बैठक ना करवाने के चलते जालंधर में प्रदर्शन के बाद बैठक हुई। लेकिन उसमें भी मांगे मानने से इंकार कर दिया गया। जिसके चलते कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, ठेकेदारी सिस्टम खत्म किया जाए और लोगों की सुविधाओं के लिए नई बसें लाई जाएं। उधर हड़ताल के चलते पूरा दिन लोग परेशान होते रहे। यह हड़ताल सोमवार को भी जारी रहने की उम्मीद है।

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