जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : देश की आजादी की 75वीं सालगिरह के उपलक्ष्य में देश भर में जारी 'आजादी का अमृत महोत्सव' की कड़ी में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या के दिन रविवार 14 अगस्त को युवा विद्यार्थियों ने नारी के प्रति हिसा के विरुद्ध नारी की आजादी की मांग उठाई। इस मांग को लेकर युवा विद्यार्थियों की संस्था 'विजन वीमेन' की ओर से शहर में साइकिल रैली व पदयात्रा का आयोजन किया गया। इसमें दैनिक जागरण (सिलीगुड़ी) सहयोगी रहा। इसके तहत विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी सालुगाड़ा में जीवनदीप कंप्लेक्स के सामने एकत्रित हुए। वहां से साइकिल रैली कर वे लोग सेवक रोड के प्लानेट मॉल गए। वहां से पदयात्रा कर सभी सेवक रोड के पानी टंकी मोड़ के निकट स्थित इंटरनेशनल मॉल गए। इस दौरान बैनर, पोस्टर व प्ले कार्ड प्रदर्शित करते हुए एवं नारा लगा कर युवा विद्यार्थियों ने नारी के प्रति यौन हिसा व घरेलू हिसा आदि का प्रतिवाद जताया और नारी की पूरी आजादी सुनिश्चित करने की मांगें रखी।

इस अवसर पर रैली आयोजक संस्था 'विजन वीमेन' की संयोजक युवा छात्रा तन्वी बंसल ने कहा कि, यह हम सब भारतवासियों के लिए बड़े गर्व की बात है कि हमारे देश भारत की आजादी के 75 साल पूरे हो गए हैं। इस खुशी में देश भर में 'आजादी का अमृत महोत्सव' मनाया जा रहा है। हम सब भी पूरे उत्साह से यह महोत्सव मना रहे हैं। मगर, इस महत्वपूर्ण घड़ी में हमें महत्वपूर्ण मुद्दों को नहीं भूल जाना चाहिए। वह भी देश की आधी आबादी नारी से जुड़े मुद्दों को तो कदापि नहीं भूलना चाहिए। आज के इस आधुनिक दौर में भी नारी को पूरी आजादी नहीं मिली है। आज भी घर-घर में बेटे-बेटियों में भेदभाव होता है। वह क्या खाए, क्या पिए, क्या पहने, कहां जाए, कहां न जाए, कैसे रहे, सब कुछ दूसरे तय करते हैं। बेटियों को उच्च शिक्षा तक से वंचित रखा जाता है। नारी जगह-जगह यौन हिसा यहां तक कि घरेलू हिसा का शिकार हो रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। इस दिशा में समाज में हर स्तर पर जनजागरुकता सर्वोपरि है। नारी के विरुद्ध हर प्रकार की हिसा बंद होनी चाहिए। नारी को भी पुरुषों के समान पूरी आजादी मिलनी चाहिए। नारी आजाद तभी देश आजाद। तभी, सही मायनों में 'आजादी का अमृत महोत्सव' होगा। इस दिन रैली में इशा बजारी, अभिनव अग्रवाल, कनक मूंदड़ा, आयुष शारदा, सनाया शारदा, तनीषा अग्रवाल, अमन अग्रवाल व सैकड़ों युवा विद्यार्थी सम्मिलित हुए।

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