मुंबई, राज्य ब्यूरो। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य एवं वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र में अधिकारियों के लिए फोन पर ‘वंदेमातरम’ कहना अनिवार्य नहीं होगा। मुनगंटीवार ने यह स्पष्टीकरण उनके द्वारा दिए गए एक आदेश पर विवाद खड़ा हो जाने के बाद दिया है। मुनगंटीवार ने मंगलवार को एक टेलीविजन चैनल से बात करते हुए कहा कि फोन पर वंदेमातरम कहना अनिवार्य नहीं है। देशभक्ति प्रदर्शित करनेवाला वंदेमातरम के समकक्ष कोई भी शब्द हैलो के स्थान पर कहा जा सकता है।

मुनगंटीवार के अनुसार 15 अगस्त से 26 जनवरी, 2023 तक ‘हैलो’ के स्थान पर ‘वंदेमातरम’ कहना महाराष्ट्र के सांस्कृतिक विभाग का एक अभियान है। किसी संगठन या किसी व्यक्ति को इसके विरोध का पूरा अधिकार है। बता दें कि 14 अगस्त को सांस्कृतिक मंत्रालय का कार्यभार संभालते ही सुधीर मुनगंटीवार ने आदेश जारी कर दिया था कि राज्य सरकार के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय में फोन पर अपनी बातचीत की शुरुआत हैलो के बजाय वंदेमातरम से करनी होगी।

मुनगंटीवार के अनुसार हैलो एक विदेशी शब्द है। इसका त्याग करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम सिर्फ एक शब्द ही नहीं, बल्कि हर भारतीय की भावना है। हम आजादी का अमृत महोत्सव मनाकर अब 76वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इसलिए मैं चाहता हूं कि अधिकारी और कर्मचारी हैलो के बजाय अब वंदेमातरम से अपनी बातचीत का आरंभ करें। लेकिन मुनगंटीवार का यह आदेश एक मुस्लिम संगठन रजा अकादमी को रास नहीं आया। रजा अकादमी के अध्यक्ष सईद नूरी ने सुधीर मुनगंटीवार के इस आदेश का विरोध करते हुए कहा है कि हम सिर्फ अल्लाह की पूजा करते हैं। इसलिए सरकार को कोई ऐसा पर्याय देना चाहिए, जो सभी को मान्य हो। नूरी के अनुसार वह इस संबंध में उलेमाओं से चर्चा करके सरकार को पत्र लिखनेवाले हैं।

मूुनगंटीवार के उक्त आदेश को राजनीतिक रंग देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि हमारा देश कृषि प्रधान है, और अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान अहम है। लेकिन राज्य और केंद्र सरकार कृषि और किसानों की अनदेखी कर रही है। किसानों के योगदान को देखते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए सभी फोन पर 'जय किसान' बोलना चाहिए। इसी प्रकार राकांपा नेता छगन भुजबल ने फोन पर 'जय हिंद' बोलने का सुझाव भी दिया है।

Edited By: Aditi Choudhary