गोरखपुर, जागरण संवाददाता। बिजली निगम में आउटसोर्सिंग पर तैनात कम्प्यूटर आपरेटरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ने कम्प्यूटर आपरेटरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मानदेय में 30 फीसद का इजाफा किया है। 13 हजार रुपये मासिक पाने वाले कम्प्यूटर आपरेटरों को अब 17 हजार रुपये मिलेंगे। 10 हजार रुपये मासिक पाने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 13 हजार रुपये मिलेंगे। गोरखपुर मंडल में 150 कम्प्यूटर आपरेटर और सौ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं। प्रबंध निदेशक ने मानदेय में एकरूपता ले आने और कटौती होने पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।अभी इतना मिलता है मानदेय

फर्म कम्प्यूटर आपरेटरों को कर्मचारी राज्य बीमा और कर्मचारी भविष्य निधि की सहयोग राशि काटकर तकरीबन 11 हजार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तकरीबन आठ हजार रुपये देती है। अलग-अलग वितरण मंडलों में मानदेय में भी भिन्नता है। इसके अलावा समय से मानदेय भी नहीं मिलता है। इसे लेकर आउटसोर्सिंग कर्मचारी कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। प्रबंध निदेशक कार्यालय वाराणसी के अधीक्षण अभियंता प्रशासन अरविंद नायक ने कहा कि मानदेय में बढ़ोतरी की जानकारी दे दी गई है। मानदेय में हर हाल में एकरूपता ले आने के निर्देश दिए गए हैं।

पेंशन की मांग को लेकर सीएम से मिले अधिवक्ता

प्रदेश बार काउंसिल के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल चेयरमैन मधुसूदन त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं की समस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी मांगों के संदर्भ में मांग पत्र दिया। मांग पत्र में प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख तक का मुफ्त चिकित्सा बीमा कराने अथवा आयुष्मान योजना से जोड़ने, अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति,लखनऊ में मृतक अधिवक्ताओं के लंबित दावों का यथा शीघ्र भुगतान कराने, जिले में अधिवक्ताओं के चेंबर का निर्माण कराने की मांग की गई। इसके साथ ही अधिवक्ता व पत्रकार की मृत्यु पर एक समान धनराशि दिलाने, साठ वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं के लिए पेंशन योजना लागू करने तथा एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की भी मांग की।

Edited By: Pradeep Srivastava