शिमला, राज्य ब्यूरो। NPS Employees Protest, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाली के मुद्दे पर शनिवार को न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश विधानसभा का घेराव करेंगे। एनपीएस कर्मचारियों के साथ उनके स्वजन भी प्रदर्शन में शामिल होंगे। महासंघ का दावा है कि यह बजट सत्र के दौरान किए प्रदर्शन से भी बड़ा होगा। प्रदर्शन में एक लाख कर्मियों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया। एनपीएस का मुद्दा सदन के अंदर तो गूंजता ही है, अब इसकी गूंज सड़क पर सुनाई देगी।

नहीं निकल पाया समाधान

सरकार पुरानी पेंशन योजना बहाली के लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाईपावर कमेटी की बैठक कुछ दिन पहले ही हुई थी। इनमें कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। इसमें मंडी के डीसी अङ्क्षरदम चौधरी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई।

कहां से आएंगे 700 करोड़

एनपीएस कर्मचारी संघ ने बैठक में आंकड़े प्रस्तुत किए थे कि अगर सरकार पुरानी पेंशन योजना बहाल करती है तो राज्य को सालाना 700 करोड़ की बचत होगी। अभी सरकार का 14 प्रतिशत शेयर और कर्मचारी का 10 प्रतिशत शेयर कंपनी के माध्यम से सीपीएफ में जमा हो रहा है। सरकार साल में 1200 करोड़ जमा कर रही है। अगर पुरानी पेंशन योजना लागू की तो साल में 500 करोड़ देने होंगे। 1200 करोड़ से 500 करोड़ घटाकर सरकार 700 करोड़ के लाभ में रहेगी।

एक लाख 15 हजार कर्मियों को नहीं मिली राहत

फिलहाल एक लाख 15 हजार कर्मियों को राहत नहीं मिल पाई है। पुरानी पेंशन योजना बहाल होने के आसार काफी कम नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने घोषणा की है कि अगर वह सत्ता में आई तो पुरानी पेंशन योजना बहाल करेगी, लेेकिन सरकार इस घोषणा पर सवाल खड़े कर चुकी है। सरकार का कहना है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति पेंशन बहाली की अनुमति नहीं देती है। प्रदेश के पास आय के सीमित संसाधन हैं।

विधानसभा का घेराव करेंगे : प्रदीप

शनिवार को विधानसभा का घेराव होगा। इसमें एक लाख कर्मचारी, स्वजन जुटाने का लक्ष्य रखा है। पुरानी पेंशन योजना बहाल हुई तो सरकार को घाटा नहीं लाभ होगा। अगर मुख्यमंत्री कोई घोषणा करते हैं तो वे इसे आभार रैली के रूप में मनाएंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा। -प्रदीप ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष, एनपीएस कर्मचारी संघ

Edited By: Virender Kumar