नौकरी को बनाया मजाक, निरीक्षण में नदारद मिले अधिकारी व कर्मी

. आईसीडीएस की डीपीओ, आरा की दोनों सीडीपीओ थी गायब

. सदर एसडीओ के औचक निरीक्षण से हुआ खुलासा, स्पष्टीकरण के साथ वेतन बंद

जागरण संवाददाता, आरा: भोजपुर जिले में जहां डीएम राजकुमार दिन-रात एक कर विकास की गति को तेजी से बढ़ाने में लगे हुए है। सरकार की योजनाओं का लाभ सबसे निचले पायदान पर खड़े ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं वहीं कुछ पदाधिकारी और कर्मचारी उनके मेहनत पर पानी फेरने में लगे हुए हैं।

इसका खुलासा गुरुवार को आरा सदर एसडीओ के द्वारा औचक निरीक्षण करने के क्रम में हुआ है। जिले में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने नौकरी को पूरी तरह से मजाक बना दिया है। वे ना समय से कार्यालय आते हैं, ना कर्मियों को आने का निर्देश देते हैं और ना ही सरकारी नियमों का पालन करते हैं। निरीक्षण में आईसीडीएस की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी माला कुमारी, आरा प्रखंड की दोनों सीडीपीओ, सदर के पीओ समेत एक दर्जन अधिकारी और कर्मचारी गायब थे। हद तो तब हो गई जब डीपीओ कक्ष में ताला लटका पाया गया। कार्यालय से गायब डीपीओ और उनके कर्मचारियों के खिलाफ एसडीओ ने डीएम को रिपोर्ट की है। इसके अलावा आरा शहरी और ग्रामीण की सीडीपीओ, कर्मचारी, मनरेगा के पीओ और प्रखंड सह अंचल कार्यालय के आधा दर्जन गायब कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए एक दिन के वेतन पर रोक लगा दी है।

देखिए: 11 बजे तक कार्यालय नहीं आ रहे पदाधिकारी और कर्मचारी

@10:28 बजे सुबह: सदर एसडीओ लाल ज्योति नाथ शाहदेव आईसीडीएस के डीपीओ कार्यालय पहुंचते हैं। यहां डीपीओ कक्ष में ताला लटका देख वे दंग रह गए। महज एक लिपिक के भरोसे पूरा कार्यालय चल रहा है। अन्य सभी नदारद थे।

@10:41 बजे सुबह: एसडीओ आरा शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की सीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। यहां पर दोनों सीडीपीओ गायब थी। शहरी के कार्यालय में एक कर्मी आए हुआ था बाकी सभी कुर्सियां खाली थी।

@10:48 बजे सुबह: एसडीओ मनरेगा कार्यालय पहुंचे। यहां पीओ सुमित कुमार समेत अधिकांश कर्मचारी और छोटे पदाधिकारी गायब थे।

@11:00 बजे सुबह: एसडीओ प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंची। यह बीडीओ और सीओ कार्यालय में थे। पांच कर्मचारी प्रखंड कार्यालय के गायब पाए गए।

Edited By: Jagran

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