लखनऊ, [अम्बरीष श्रीवास्तव]। वर्ष 2006 में वाराणसी के सीरियल ब्लास्ट मामले में फांसी की सजा पा चुके आतंकी वलीउल्लाह को बुधवार को लखनऊ की एक विशेष अदालत में पेश किया गया। विशेष अदालत में इसके खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम व आर्म्स एक्ट का मामला विचाराधीन है। वलीउल्लाह को गाजियाबाद की डासना जेल से पुलिस की कड़ी सुरक्षा में पेश किया गया।

विशेष जज लोकेश वरुण ने इसे लखनऊ जेल भेजने का आदेश दिया। उन्होंने यह आदेश गाजियाबाद के जेल अधीक्षक की एक रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए दिया है।विशेष अदालत को भेजी गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 दिसंबर, 2006 से बंदी वलीउल्लाह डासना जेल में बंद है। इसके खिलाफ गाजियाबाद की अदालत में लंबित सभी मुकदमों का निस्तारण हो चुका है।

यह चार आपराधिक मुकदमों में दोष सिद्ध किया गया है। अब इसके खिलाफ लखनऊ व प्रयागराज की अदालत में एक-एक मुकदमे की सुनवाई लंबित है। लिहाजा लखनऊ के मुकदमे के विचारण के लिए इसे वहीं की जेल में दाखिल करने का आदेश दिया जाए।

लखनऊ में पिस्टल, आरडीएक्स व डेटोनेटर के साथ पकड़ा गया था वलीउल्लाह : पांच अप्रैल, 2006 को वलीउल्लाह को लखनऊ के गोसाईगंज इलाके में पकड़ा गया था। वाराणसी में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में पुलिस इसे जोर-शोर से तलाश रही थी। इसके पास से एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, डेढ़ किलो आरडीएक्स व दो डेटोनेटर बरामद किए गए थे।

इस मामले की एफआइआर वाराणसी की भेलूपुर थाने के सीओ टीएन त्रिपाठी ने थाना गोसाईगज में दर्ज कराई थी। विशेष लोक अभियोजक एमके सिंह के मुताबिक इस मामले में अभियुक्त वलीउल्लाह पर आरोप तय हो चुका है। 30 अगस्त को अभियोजन की ओर से गवाह पेश किया जाएगा।

ये है मामला : सात मार्च, 2006 को वाराणसी के संकट मोचन मंदिर व कैंट रेलवे स्टेशन पर बम धमाके हुए थे। इसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 35 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। उसी रोज दशाश्वमेध घाट पर भी विस्फोटक पाया गया था। हाईकोर्ट ने इस मामले का विचारण गाजियाबाद की जिला एवं सत्र अदालत को भेज दिया था। छह जून, 2022 को जिला एवं सत्र अदालत ने विचारण के पश्चात इस मामले में वलीउल्लाह को फांसी की सजा सुनाई थी।

Edited By: Anurag Gupta