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तमिलनाडु: इंडी गठबंधन में बढ़ी दरार, एमके स्टालिन ने विजय के साथ हाथ मिलाने से किया इनकार

Published: Sun, 12 Jul 2026 04:26 PM (IST)

तमिलनाडु में इंडी गठबंधन के भीतर दरार बढ़ गई है, क्योंकि DMK ने VCK के उस प्रस्ताव को खारिज कर ...और पढ़ें

तमिलनाडु में इंडी गठबंधन में बढ़ी दरार। (फाइल)

तमिलनाडु में इंडी गठबंधन में बढ़ी दरार। (फाइल)

HighLights

  1. DMK ने TVK को इंडी गठबंधन में शामिल करने से मना किया।

  2. कांग्रेस पर DMK ने चुनाव बाद गठबंधन तोड़ने का आरोप लगाया।

  3. DMK ने कहा केरल मॉडल तमिलनाडु में काम नहीं करेगा।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु में इंडी गठबंधन के भीतर दरार और बढ़ी हो गई है। DMK ने अपने पूर्व सहयोगी VCK की उस मांग को सख्ती से खारिज कर दिया है जिसमें एम के स्टालिन की पार्टी और सीएम विजय के नेतृत्व वाली TVK को विपक्षी गठबंधन में शामिल करते BJP का संयुक्त रूप से मुकाबला करने की बात कही गई थी।

यह नया विवाद तब शुरू हुआ जब VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने केरल और पश्चिम बंगाल जैसी व्यवस्था का प्रस्ताव रखा, जहां राज्य की राजनीति में प्रतिद्वंद्वी पार्टियां राष्ट्रीय स्तर इंडी गठबंधन में सहयोगी बनी रहती हैं। कांग्रेस ने जल्द ही इस प्रस्ताव का समर्थन किया और तर्क दिया कि BJP के खिलाफ विपक्ष की एकता को राज्य-स्तरीय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर रखा जाना चाहिए।

DMK ने खारिज किया सुझाव

लेकिन DMK ने इस सुझाव को खारिज कर दिया। उसने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद गठबंधन के साथ धोखा दिया है। साथ ही, DMK ने स्पष्ट किया है कि राज्य के बदले हुए राजनीतिक माहौल में ऐसा मॉडल काम करने की संभावना नहीं है।

कांग्रेस ने DMK की पीठ में छुरा घोंपा- गणपति पी राजकुमार

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, DMK सांसद गणपति पी राजकुमार ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के बाद केवल मंत्री पद हासिल करने के लिए TVK के साथ हाथ मिलाकर DMK की पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इंडी गठबंधन के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर स्थिति को देखने में विफल रही और अब DMK को मनाने रे लिए VCK का इस्तेमाल एक दूत के तौर पर कर रही है।

DMK नेतृत्व VCK के प्रस्ताव को स्वीकर नहीं करेगा-  गणपति पी राजकुमार

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि DMK नेतृत्व VCK के प्रस्ताव को स्वीकार करेगा। केरल और पश्चिम बंगाल वाला मॉडल तमिलनाडु में काम नहीं करेगा। पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए राजकुमार ने तर्क दिया कि TVK के एक तीसरी बड़ी ताकत के रूप में उभरने से तमिलनाडु की राजनीति मौलिक रूप से बदल गई है।

केरल के विपरीत, जहां मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF और वामपंथी नेतृत्व वाले LDF के बीच है, या पश्चिम बंगाल के विपरीत, जहां राष्ट्रीय स्तर पर इंडी गठबंधन में साथ होने के बावजूद TMC और कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी बने हुए हैं। तमिलनाडु में अब सत्ता में एक नया राजनीतिक खिलाड़ी आ गया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या TVK, जिसका संसद में अभी कोई सांसद नहीं है, को इंडी गठबंधन का हिस्सा माना भी जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। साथ ही, उन्होंने कहा कि BJP ही DMK की मुख्य वैचारिक विरोधी बनी हुई है क्योंकि वह अलग-अलग राज्यों में क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करना चाहती है।

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